एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार युगतीर्थ शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में आनलाइन अंतरप्रांतीय जप-अनुष्ठान गायत्री साधक समूह तथा युग साहित्य स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधित्व में पौष पूर्णिमा पर 24 घंटे का अखंड गायत्री महामंत्र जप-अनुष्ठान गुरुवार सुबह 5 बजे से शुरू हुआ।
इस बीच दोपहर से गायत्री युग साहित्य स्वाध्याय पाठ-संवाद व महिला मंडल का प्रभुश्रीराम भगवान के आदर्शमय जीवन एवं गुरुवरश्रीराम श्रीवेदमूर्ति- तपोनिष्ठ पं श्रीराम आचार्यजी के आदर्शमय जीवन व समस्त मानव जीवन के कल्याण हेतु विचार क्रांति अभियान, युग निर्माण अभियान, उनकी लिखित, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, रामायण की प्रगतिशील प्रेरणा, राम का नाम ही नहीं, राम का काम भी, जैसे प्रेरणाप्रद, सद्चिन्तन, सद्विचार संवर्धन पर विचार व संवाद हुआ। फिर भजन-कीर्तन में सिया राममय सब जग जानी... मंगल भवन अमंगल हारी, औरों के हित जो जीता है... श्रीराम जय राम, जय जय राम राम, गीता रामायण पढ़ना पर्याप्त न होगा, उस सांचे में ढलना होगा, ऋषियों का जो संदेश मिला है, जीवन में अपनाना होगा जैसे अनेक प्रज्ञागीत का गायन व भजन-कीर्तन और विचार-संवाद किया गया।
जप अनुष्ठान संचालन मंडल ने बताया कि यह जप-अनुष्ठान की ऊर्जा पूज्य गुरुवर श्री आचार्य की चरणों में नमन-वंदन कर आगामी माह के मुम्बई अश्वमेध महायज्ञ के मंगलमय आयोजन को समर्पित किया जायेगा। जप-अनुष्ठान गुरुवार सुबह 5 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे संपन्न होगा। गायन-वादन में दोनों अवतारी महाचेतना के आदर्श जीवन दर्शन के विचार संवाद में करीब चार दर्जन से अधिक साधक भाई बहन भागीदारी में शामिल रहे।
सायंकालीन दीप यज्ञ कर सबके लिए सुस्वास्थ्य, सुखमय जीवन, उज्ज्वल भविष्य और मंगलमय वातावरण के वंदना प्रार्थना की गयी। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।