Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
समाज

रक्त दान, नेत्र दान, भूमि दान, ज्ञान का दान सबसे बड़ा दान है : महामंडलेश्वर

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
रक्त दान, नेत्र दान, भूमि दान, ज्ञान का दान सबसे बड़ा दान है : महामंडलेश्वर
विज्ञापन

प्रेम ही ईश्वर है : महामंडलेश्वर

  • हनुमत वैदिक पूजन के प्रतिदिन के यजमान राकेश भास्कर ने सपत्नी पूजन किया आज की कथा के यजमान अजय सिंह  ने व्यास पूजन, माल्यार्पण,चंदन वंदन किया 

टीम एबीएन, रांची। हरिद्वार धाम से पधारे श्री श्री 1008 जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी डॉक्टर उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर झारखंड की राजधानी  रांची के हरमू मैदान में श्री राम कथा का यह आयोजन किया जा रहा है।

हम सभी लोगों के लिए परम सौभाग्य की बात है की श्री मयार्दा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन कथा के श्रवण की अमृत वर्षा का लाभ परम पूज्य स्वामी डॉ उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के मुखारविंद से प्राप्त हो रहा है। व्यास पीठ पर पवित्र ग्रंथ श्री रामायण का पूजन, वंदन, माल्यार्पण मुख्य यजमान अजय सिंह ने किया। 

ब्यास पीठ पर विराजमान स्वामी जी को चंदन, वंदन, माल्यार्पण और आरती के बाद महाराज जी कथा अमृत वर्षा का लाभ देते हुए कहा भगवान भोले नाथ मा पार्वती को कैलाश पर कथा सुना रहे। मनु महाराज  की कथा सुनाई मनु महाराज मनुष्यो के मुख्य पुरुष माने जाते है।क्योंकि उन्ही से मनुष्य की उत्पत्ति हुई है। 

हमारे संस्कृति में 100 साल तक कि उम्र पहले मानी गयी थी। कहावत है 100 वर्ष तक आप स्वास्थ्य रहे। यह दुर्लभ मानव जीवन पाकर भी प्रभु सेवा नही की तो यह मानव जीवन बेकार है। धन के ब्याख्यान पर चर्चा कर कहा मनुष्य का पेट भरा या नही भरा आदमी पेट से परेशान नही लेकिन धन से पेटी नही भरी उससे लोग परेशान है। 

सतगुरु पर चर्चा करते हुए कहा कि गुरु अब किसी को नही चाहिए। जिस मंत्र का हम जप करते है जिससे पापो को छुटकारा मिलता है।कण कण में व्याप्त है परमात्मा जिनके मनन करने से मुक्ति मिल जाय उसे ही मंत्र कहते है। मनुष्य के संदेह पर चर्चा कर बताया कि आदमी शंका करता है एवं झूठ भी बोलता है जो इनके दुख का कारण है इसलिए हमेशा सत्य बोलो झूठ न बोलो। 

कालकेतु राक्षक सहित राजा प्रताप भानु के संग कुम्भकरण के प्रसंग की विस्तृत चर्चा की।कथा प्रसंग में ब्रह्मा जी का प्रगट होना और भगवान के चरित्र का वर्णन किया। 

भजन- जब तक है जिंदगी फुरसत ना मिलेगी काम से  

कुछ समय ऐसा निकालो प्रेम कर लो श्री राम से 

जो संतों से सेवा करवाता हो, माता पिता से सेवा करवाता हो वो इस जन्म में निशाचर (राक्षस) है। उन्होंने कहा संसार मे ईश्वर सब जगह ब्याप्त है वो प्रेम से प्रगट होते है। प्रेम करे तो ईस्वर प्रगट होते है। प्रेम ही ईश्वर है उन्होंने कहा जब तक अहंकार है तब तक भगवान नही जब भगवान है तो अहंकार नहीं। 

भगवान प्रगट होते है खुशी की लहर से पूरा पंडाल भाव विभोर हो उठा। भगवान आये। अवधपुरी के राजा दशरथ जी की भक्ति उनके ज्ञान, गुणों की चर्चा की उनके दुखो का भी वर्णन किया। उन्होंने यज्ञ की भूमिका के प्रसंग पर चर्चा कर कहा यज्ञ हमारे संस्कृति के पिता है उन्होंने कहा वेदों में यग्यो कि प्रधानता है श्रष्टि यज्ञ से चलती है यज्ञ रुका तो जीवन रुका। 

ईर्ष्या, द्वेष, घृणा हम बोते है  तो यह वही देती हो यही यज्ञ है। दान पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया किसी गरीब को कोई भी दान देते हैं आप समझते है यही दान है। लेकिन आप अपनी प्रतिभा, क्षमता और सामर्थ्य  के अनुसार दान करें। उसी का प्रतिफल आपको मिलेगा। रक्त दान, नेत्र दान, भूमि दान, ज्ञान का दान यह सबसे बड़ा दान है। उससे बड़ा दान जीवन का दान  सबसे बड़ा दान है। 

उन्होंने कहा नेता राष्ट्र का भविष्य होता है उनके चरित्र से राष्ट्र का निर्माण होता है। आप और हम सभी जानते हैं हमेशा हमें राष्ट्र के लिए ईमानदार होकर सोचना चाहिए। हम अपने कर्तव्यों का पालन सही तरीके से कर ले राष्ट्र निर्माण में हमारे लिए सबसे बड़ा सहयोग यही रहेगा। भगवान का जन्म हुआ उत्सव मनाया गया खूब भजनों पर लोगों ने नृत्य किया भगवान के बालक रूप झांकी के सभी ने दर्शन किये। पूरा कथा स्थल भगवान के जयकारों से गूंज उठा। 

इसके पूर्व मंच पर आज के यजमान अजय सिंह व राकेश भास्कर सपत्नी व उनके परिवार के द्वारा  व्यास जी की आरती की गयी। 
इस अवसर पर अध्यक्ष राकेश भास्कर,  राज किशोर सिंह, वीरेंद्र सिंह, अजय सिंह, सुरेश सिंह, प्रमोद सारस्वत, धर्मेंद्र तिवारी, श्याम झा, अरुण सिंह, संजय अग्रवाल, रविंद्र सिंह, रमेश सिंह ने गुरु जी को माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया। कथा  स्थल पर लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। 

इसमें मुख्य रूप से प्रमोद सारस्वत, इंद्रजीत यादव, गोपाल सोनी, नवीन झा, रामचंद्र जायसवाल, राजीव चौधरी, पुनीत, नीरज शुक्ला, बिपिन सिंह, मुन्ना सिंह, रितेश झा सहित कई लोग निरंतर अपनी सेवा दे रहे हैं। 

हजारों की संख्या में लोगों ने कथा श्रवण आज किया। पूरा पंडाल श्रोताओं से भरा था। बुजुर्गों व महिलाओं के लिए कुर्सियों की ब्यवस्था, पेयजल व्यवस्था व अन्य उचित ब्यवस्था रखी गयी है। प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने बताया श्री राम कथा 21 जनवरी 2024 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक चलेगी। 

22 जनवरी हरमू मैदान में हवन व भंडारा 

रांची की  सभी धार्मिक और सामाजिक संस्था व धर्म प्रेमियों से आग्रह किया है कि  महाराज श्री के मुखारविंद से श्री राम कथा की अमृत वर्षा का हरमू मैदान में आकर अवश्य लाभ प्राप्त करें।  उक्त जानकारी प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 40,222