टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन झारखंड प्रदेश की पहली प्रदेश कार्य समिति की बैठक दिगंबर जैन धर्मशाला में संपन्न हुई। बैठक में राज्य भर के 24 जिलों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए बैठक में नवनिर्वाचित पदाधिकारी को परिचय के साथ बैठक की शुरुआत हुई।
बैठक में सभी जिलों के पदाधिकारी ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए अति शीघ्र सभी जिलों की कमेटी गठित कर प्रदेश को सौंपने की बात कही साथ ही सभी पदाधिकारी ने वैश्य समाज को उचित प्रतिनिधित्व सहित कई समस्याओं से अवगत कराया। ओबीसी के 27 परसेंट आरक्षण, सहित राज्य में ओबीसी वर्ग पर हो रहे अत्याचार पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई।
प्रदेश अध्यक्ष ज्ञान शंकर ने अपने संबोधन में कहा कि 52 पर्सेंट आबादी होने के बावजूद वैश्य समाज को राजनीति में उचित भागीदारी नहीं मिल पायी है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए वैस वैश्य समाज को संगठित होना होगा।
अब समय आ गया है सभी उपजाति को एक मंच पर आकर अपना अधिकार छीन कर लेना पड़ेगा। अगर आज हम सचेत नहीं हुई, तो हमारे बच्चे हमें कभी माफ नहीं करेंगे इसलिए सभी भेदभाव भुलाकर सभी वैश्य को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।
आज की बैठक में आगामी 25 फरवरी को रांची में विशाल जनसभा करने की घोषणा की गई यह जनसभा रांची में अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के बैनर तले आयोजित की जायेगी, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के वैश्य समाज के नेता शामिल होंगे।
सभी नवनियुक्त पदाधिकारी को प्रदेश अध्यक्ष ने सर्टिफिकेट का वितरण किया। मंच का संचालन प्रदेश महामंत्री संजय चौधरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन रांची जिला अध्यक्ष संजय पोद्दार ने किया।