टीम एबीएन, रांची। संत जेवियर कॉलेज, रांची हिंदी विभाग एवं हिन्दी साहित्य परिषद के तत्त्वावधान में विश्व हिन्दी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिन्दी विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन पीजी सेमेस्टर 3 की छात्रा नेहा कुमारी गुप्ता ने की। मौके पर हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि मातृभाषा गर्भ से जुड़ी भाषा है। उन्होंने डॉ फादर कामिल बुल्के की इन इन पंक्तियों को भी याद किया
संस्कृत महारानी है, हिन्दी बहुरानी है
तथा अंग्रेजी नौकरानी है
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन हिन्दी भाषा जिह्वा के समान है। जिह्वा हमेशा दांतों से घिरी रहती है किंतु निर्भय होकर अपना अस्तित्व बचाये रखते हुए दांतों का हित करती है।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सुनील कुमार भाटिया ने विश्व हिन्दी दिवस की सार्थकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दी को तराशना तथा परिष्कृत कर शुद्ध उच्चारण एवं लेखन करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
प्राध्यापक डॉ संजय कुमार ने भाषा की वैज्ञानिकता और वैश्विक स्तर पर हिन्दी के महत्त्व तथा विभिन्न कार्यक्षेत्रों की जानकारी दी।
सहायक प्राध्यापिका सुश्री कोमल खलखो ने हिन्दी की उपयोगिता एवं उसके विस्तार की बात करते हुए कहा कि हिन्दी हमारी प्रतिष्ठा एवं मान-सम्मान की भाषा है।