आ जाना बन ध्यान हमारे कीर्तन में, बन जाना मां प्राण हमारे जीवन में... प्रज्ञागीत गाये गये
एबीएन सोशल डेस्क। गायत्री परिवार आनलाइन स्वाध्याय मंडल के साधक-शिष्य गण व कार्यकर्ताओं में बालिका प्रज्ञा कुमारी एवं वरिष्ठ साधक जेएनपी के जन्म-दिवस पर स्वाध्याय मंडल साधक-शिष्य, दीदी-भाइयों ने उनके दीघार्युष्य, स्वस्थ-सुखद, प्रगतिशील जीवन और उज्जवल भविष्य की मंगलकामनाएं कीं।
इस दौरान अपने जन्मदिवस पर आवास में जेएनपी परिवारजनों ने वैदिक पद्धति से विधिवत कलश पूजन, अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन, सर्वदेव नमन वंदन एवं षोडषोपचार पूजन, स्वस्तिवाचन पाठ कर जन्मदिवस मनाया और अपनी आयु के नववर्ष पर बुधवार को बड़ी श्रद्धापूर्वक श्रीवेदमाता गायत्री चालीसा का श्रद्धापूर्वक 69 बार पाठ संपन्न किया।
शाम में परिजनों ने दीपोत्सव में भजन-कीर्तन युग-गायन में एक प्रज्ञागीत गाया कि आ जाना बन ध्यान हमारे कीर्तन में, बन जाना मां प्राण हमारे जीवन में। इस अवसर पर वरिष्ठ साधक ने गुरुवार से चालीस दिवसीय गायत्री महामंत्र लेखन अनुष्ठान का संकल्प लेकर श्रद्धापूर्वक लेखन शुभारम्भ किया।
शांति-पाठ कर सर्व मंगलाय वंदना में सर्वत्र मंगलमय वातावरण व उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की गयी। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के सक्रिय सदस्य जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।