- नौ दिवसीय श्री राम कथा के समापन पर राज्य अभिषेक, सीता हरण, सबरी वानर सेना पर हुआ व्याख्यान, झांकी बना आकर्षण का केंद्र
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। सामंतो काली मंदिर परिसर में काली मंदिर महिला समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा का समापन मंगलवार को हो गया। कथा का समापन मंत्रोचारण हवन के साथ हुआ। इसके पूर्व राम कथा के अंतर्गत सबरी के पास श्री राम का पहुंचना, सीता हरण, वानर सेना के आलावा श्री राम का राज्य अभिषेक पर व्याख्यान दिया गया।
वहीं, भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध के मौके पर आयोजित भजन सब निहारे रास्ते आयेंगे श्री राम पर श्रद्धालु झूमते नजर आये। इस दौरान विभिन्न झांकियां भी प्रस्तुत की गयी। इसमें भगवान श्री राम की भूमिका में पूनम वर्णवाल, मां सीता की भूमिका में रेखा जायसवाल, भ्राता लक्ष्मण की भूमिका इंदु जायसवाल, भ्राता भरत की भूमिका में मुन्नी वर्णवाल, भ्राता शत्रुघ्न की भूमिका अनीता वर्णवाल, वीर हनुमान की भूमिका में इंदु यादव, ऋषि की भूमिका में फूलकुमारी भारती व विभा वर्णवाल शामिल हुई।
मौके पर कथावाचक जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री त्रिदंडी स्वामी गोपालाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री राम का आदर्श आज भी पूजनीय है। उनके आदर्श को अपना कर ही हम राष्ट्र को अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्री राम लला मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा होगा और ऐसे समय में यह श्री राम कथा प्रेरणा का स्रोत भी बन रही है।
उन्होंने कहा कि मां सीता का पता लगाने का अथक प्रयास वीर हनुमान ने किया था। उन्होंने कहा कि हनुमान जी अपनी शक्तियों को भूल गये थे, तो उन्हें शक्तियों का स्मरण कराया गया कि वे सौ योजन लगाने की क्षमता रखते हैं। जिससे माता सीता का पता लगाने मर वो सहायक सिद्ध हुए। इसके बाद वानर सेना के द्वारा समुन्द्र में सेतु बांध कर लंका पहुंचे और भगवान श्री राम रावण का वध कर माता सीता को लेकर लौटे।
उन्होंने कहा कि भगवान राम आज भी पूजनीय है और उनके द्वारा कहे कथन का अनुसरण करना चाहिए। हवन में देवेंद्र कुमार पांडेय, सुमन पांडेय, विनोद वर्णवाल, पूनम वर्णवाल, सुरेश वर्णवाल आशा मोदी, रत्नेश जायसवाल सोनी जायसवाल, देवेंद्र प्रसाद तिवारी सावित्री तिवारी, राकेश जायसवाल रेखा जायसवाल आदि शामिल हुए।