टीम एबीएन, कोडरमा। शादीशुदा लोग ध्यान दें, क्या आप कानूनन पति-पत्नी हैं या नहीं? दरअसल, कानूनन रूप से शादी के प्रमाण के रूप में शादी पंजीकरण होना जरूरी होता है। जागरूकता के अभाव में लोग इसकी अनदेखी कर रहे हैं। अगर आपने अब तक अपनी शादी का पंजीकरण नहीं कराया है तो निबंधन दफ्तर में पंजीकरण करा लें।
झुमरी तिलैया नगर पर्षद के प्रशासक हर्षबर्धन ने बताया कि शादी के 1 दिन से 1 साल तक के अंदर विवाह पंजीकरण कराने पर 50 रुपये शुल्क पड़ता है। एक साल बाद पंजीकरण कराने पर प्रति साल प्रतिदिन के अनुसार 5 रुपये विलंब शुल्क देना होता है और यह अधिकतम 150 रुपये तक ही होता है। उन्होंने बताया कि लोगों में जागरूकता की कमी है और इसके लिए नगर पर्षद भी जागरूकता अभियान चलायेगा।
कैसे करें आवेदन
विवाह पंजीकरण के लिए आनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद निबंधन दफ्तर के प्रशासक के पास पति-पत्नी और तीन ग्राहक शादी की फोटो के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है। आवेदन के साथ विवाह का कार्ड, यह न होने पर हलफनामा, निवास का प्रमाण जैसे आधार कार्ड, पहचान पत्र या बैंक पास बुक की छाया प्रति लगानी होती है।
इसलिए जरूरी है विवाह पंजीकरण
- विवाह पंजीकृत होने पर विरासत में मिली संपत्ति का वितरण आसान हो जाता है।
- कई मुकदमे ऐसे हुए, जिनमें पति की मौत की बाद दूसरी महिला पत्नी के रूप में खड़ी होकर संपत्ति पर दावा करने लगी।
- विवाह पंजीकरण बैंक या बीमा का दावा करने में सहायक होता है।
- पति या पत्नी को विदेश ले जाने पर यही प्रमाणपत्र मान्य होता है।
- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का 30 हजार रुपये का लाभ भी मिलता है।
3 साल में 120 निबंधन हुए नगर पर्षद में
शादी विवाह के बाद निबंधन कराना अनिवार्य है। लेकिन न तो नगर पर्षद न ही प्रखंड मुख्यालयों में लोग रूचि के साथ निबंधन कराते हैं। ऐसे में अभी भी 3 वर्ष में नगर पर्षद में 120 निबंधन ही हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार 2020 में 35, 2021 में 48, 2022 में 21 तथा 2023 में 17 निबंधन हुए हैं।