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अहंकार प्रभु कृपा में बाधक : शास्त्री

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अहंकार प्रभु कृपा में बाधक : शास्त्री
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  • श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का षष्ठम दिवस संपन्न

टीम एबीएन, लोहरदगा। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के षष्टम दिन प्रवचनकर्ता व्यास पंडित पुरषोत्तम कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान कभी भी अहंकार को स्वीकार नहीं करते हैं, देवराज इन्द्र के भी अहंकार को श्री कृष्ण ने चुर कर दिया था। श्री महाराज जी के दिव्य प्रवचन में भगवान के रास लीला, कंश वध और रूक्मिणी विवाह का सुमधुर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता। 

मौके पर दशम्स्कंद का ज्ञान दिया गया, कहा जाता है कि जो भी इस कथा का श्रवण करता वह भवबंधन और चौरासी लाख योनियों में भटकन से मुक्त हो जाता है, मनुष्य अंतिम योनि है। महर्षि वेदव्यास पुरान रचना उपरांत मन में एक प्रश्न आया कि इसे मैं किसे दूं, उन्होंने योग्यता का आधार बनाकर शुकदेव मुनि को दिया। 

मौके पर मुख्य रूप से राजेश रंजन प्रसाद अंबष्ठ, संजय खत्री, दिलीप पटनायक, मनोज दास, नरेंद्र मितल, संकल्प  सिन्हा, संचित सिन्हा, संकेत सिन्हा, लाल विनय शाहदेव, शिल्पी सिन्हा, सविता सिन्हा, नेहा अग्रवाल, रजनी सिन्हा संगीता मितल, नेहा अग्रवाल नीलम लाल, रश्मि खत्री, विकेश सिन्हा, गणेश लाल सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे।

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