शांति और उल्लास पूर्ण माहौल में संपन्न हुआ चट्टी का ऐतिहासिक जतरा
टीम एबीएन, भंडरा। लोहरदगा, रांची और गुमला जिले के सीमांत स्थित चट्टी का ऐतिहासिक जतरा 26 अक्टूबर को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोग जतरा में शामिल हुए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
जतरा का उद्घाटन मुख्य अतिथि भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री बिंदेश्वर उरांव ने किया। मौके पर उन्होंने कहा कि जतरा सामाजिक समरसता का प्रतीक है। आपसी दूरियां को पाटने में जतरा की हमेशा बड़ी भूमिका रही है। जतरा में आयोजित पारम्परिक गीत नृत्य में झारखंड का इतिहास छुपा है। विरासत में मिली इस संस्कृति को जिंदा रखना जरूरी है।
इस दौरान आजसू के विधानसभा प्रभारी नीरू शांति भगत, आजसू के केंद्रीय सचिव अरविंद यादव, सदस्य अंजू देवी, स्थानीय मुखिया कैली उरांव, उदरंगी मुखिया परमेश्वर महली, विभिन्न गावों के पहान, ग्राम प्रधान जतरा आयोजन कमेटी के दूबराज तिवारी, मनोज तिवारी, प्रदीप तिवारी, राजदीप तिवारी, कृष्णा तिवारी, मुकेश तिवारी, कुलदीप तिवारी, लक्की तिवारी, आकाश तिवारी, अवधेश तिवारी आदि उपस्थित थे।
अन्य अतिथियों ने कहा की पूर्वजों ने जतरा का आयोजन सिर्फ गीत संगीत के लिये नहीं बल्कि रिश्तों के आदानप्रदान के लिये शुरू किया था। यह परम्परा आज भी चट्टी जतरा में कायम है। जतरा का मुख्य आकर्षण कमेटी द्वारा आयोजित नागपुरी नृत्य कार्यक्रम, लापुंग से आये सांस्कृतिक खोडहा नृत्य दल और विभिन्न गावों से आया खोड़हा नृत्य समूह था।
लोगों के अलावे अतिथियों ने भी नृत्य का जमकर लुत्फ उठाया। जतरा कमेटी ने सभी को पुरस्कृत किया। बच्चों और युवाओं ने झूला व अन्य मनोरंजक स्टॉलों का आनंद लिया। मिठाई और अन्य दुकानों में भी भीड़ थी।
शांति व्यवस्था में थाना प्रभारी गौतम कुमार, पुलिस के अन्य जवान, पदाधिकारी और कमेटी के लोग अपने दलबल के साथ जुटे थे। जतरा में भीड़ नियंत्रण के लिये चट्टी रांची मुख्य सड़क और चट्टी कैरो सड़क पर बैरीकेटिंग की व्यवस्था की गयी थी।