टीम एबीएन, रांची। स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रकाश तिवारी ने जिला प्रशासन, डोरंडा थाना पुलिस की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि पत्रकार ओमप्रकाश चौधरी की मां इंद्रासिनी देवी को न्याय देने में असफल उपायुक्त रांची, डोरंडा थाना से लेकर सीनियर एसपी, अनुमंडल पदाधिकारी की उपेक्षा मानसिक तनाव में बीमार रहकर न्याय लेने की आखिरी क्षण तक संघर्ष, जंग करती हुई बुजुर्ग विधवा महिला इंद्रासिनी देवी दिनांक -20.10.2023 को रात्रि लगभग 8 बजे मॅकोन अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष करते हुए बड़े पुत्र भानू प्रकाश चौधरी के मानसिक प्रताड़ना झेलते हुए मौत के आगे हार गयी।
न्याय के लिए पुलिस थाने से लेकर न्यायालय में बुजुर्ग अवस्था में दौड़ने के बावजूद न्याय नहीं मिला। वह ओमप्रकाश चौधरी पत्रकार की मां थी। छोटे बेटे ओमप्रकाश चौधरी और बहू पोते पोती की हमेशा अच्छा सेवा देखभाल में रही। ओमप्रकाश चौधरी ने मां की सेवा और देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां तक उन्हें मां की सेवा और देखभाल के लिए घर में रहने की बाध्यता के कारण अखबारों में नौकरी तक छोड़ना पड़ा।
अपने बड़े बेटे भानूप्रकाश चौधरी से हमेशा प्रताड़ित होती रही। मृत्यु के पूर्व रोती हुई इंद्रासिनी देवी ने कहा था कि मेरे पति के देहान्त के बाद मेकॉन में अनुकंपा के आधार पर बड़े बेटे भानूप्रकाश चौधरी को नौकरी देने का मैंने और छोटे बेटे ओमप्रकाश चौधरी ने लिखित रूप से देने के बाद बड़े बेटे भानूप्रकाश चौधरी को मेकॉन में नौकरी मिली। लेकिन बड़ा बेटा बहू ने कभी मेरी देखभाल सेवा नहीं किया और न भोजन वस्त्र कभी दिया।
इसलिए मैंने अपनी खरीद की जमीन, मकान को अपने छोटे बेटे ओमप्रकाश चौधरी को रजिस्ट्री कर दी। उसके बाद से मेरा बड़ा बेटा भानूप्रकाश चौधरी मुझे मानसिक तनाव देते हुए मेरे साथ शारीरिक अत्याचार करने लगा मेरे खिलाफ कोर्ट में केस करके तनाव दे रहा है।
छोटे बेटे ओमप्रकाश चौधरी को मॅकौन का नौकरी दिलवा देती तो मुझे दवा भोजन सेवा की सुविधाएं मिलती रहती। लेकिन कलयुगी पुत्र के द्वारा लगातार दिए गए मानसिक तनाव को झेल नहीं सकी, आखिर उनकी मृत्यु हो गयी। यदि पुलिस, जिला प्रशासन, न्यायालय समय पर इंद्रासिनी देवी को न्याय दे देते तो आज जीवित रहती।