टीम एबीएन, रांची। दस दिनों तक चलने वाले जैन धर्म अनुयायियों का महापर्व दशलक्षण का समापन अनंत चतुर्दशी के बाद पूर्ण हुआ, जिसमें रांची से 33 श्रद्धालुओं (27 जैन समाज रांची के एवं तीन आर्यिका माताजी के अलावा तीन संघस्थ ब्रह्मचारी गण) ने देव शास्त्र गुरु के प्रति श्रद्धावान होते हुए आत्म कल्याण के भाव से परिणामों की विशुद्धि बढ़ाते हुए दश उपवासों की साधना की है।
साथ ही साथ दश धर्मो को अपने जीवन का आधार बनाकर निश्चित ही मोक्षमार्ग की आधारशिला रखी है,यह धर्म व तप की साधना आचार्य प्रणीत धर्म शास्त्रों में अनुकरणीय है इसलिए वह सतत प्रशंसनीय है। श्रमण संस्कृति त्याग तप संयम साधना को महत्व देती हैं जिसमें व्रतों की साधना अहम है।
व्रत साधना कर उन्होंने परिवार के साथ साथ रांची जैन समाज का भी गौरव बढ़ाया है, रांची जैन समाज ने इसकी अनुमोदना करते हुए इस तपश्चरण के प्रति विनयभाव अभिव्यक्त किया, सचमुच व्रतियों की साधना सम्मानजनक है। इन दश दिनों में निराहार और निर्जला उपवास रखा जाता है।
जिसका उद्यापन आज पूर्ण हुआ तदुपरांत सामाजिक रीतियों से उनका सामूहिक पारणा और सम्मान वासुपूज्य मंदिर के पंडाल में किया गया। साथ ही सूरत से पधारे राकेश जी जैन एवं विद्वान स्वतन्त्र भैया जी और संघस्थ कृति दीदी का भी सामाजिक सम्मान व अभिनंदन किया गया।
आर्यिका माताजी ने दस दिनों में दस धर्म की पूर्ण विवेचना एवं व्याख्यान किया तथा जैन शास्त्र तत्वार्थ सुत्र का पाठन, मंडल विधान ईत्यादि क्रियाएं सरल तरीके से सम्पन्न कराई। अभिनंदन समारोह के बाद व्रतियों को जुलूस के रूप में नगर भ्रमण कराया गया और दिगंबर जैन भवन हरमू रोड तक छोड़ा गया। जहां उनके परिजनों और आगंतुक अतिथियों ने सम्मान किया।
कल दिनांक 30/09/2023 को क्षमावाणी महोत्सव मनाया जाएगा जिसमे जिनेन्द्र प्रभु की आराधना के बाद लोग पिछले भुलो और गलतियों के लिए एक दूसरे से क्षमा याचना करेंगे और तीन दिनों और बत्तीस दिनों की साधना जिन्होंने की है उनका भी सम्मान किया जायेगा।
करीब 13 श्रद्धालुओं ने रत्नत्रय का व्रत किया और मधु जी काला, धर्मपत्नी स्व अशोक काला ने बत्तीश दिनों तक निर्जला उपवास कर तप की साधना की। समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार गंगवाल ने सभी का स्वागत किया।
वर्षा छाबड़ा ने मंगलाचरण कर सभी व्रतधारियों की अनुमोदना की। श्री विद्यासागर पाठशाला के अध्यक्ष पूरणमल जी सेठी, महावीर प्रसाद जी अजमेरा, जैन ज्योति के प्रदीप बाकलीवाल, जैन युवा जागृति के अध्यक्ष राजेश पाटोदी, जैन महिला जागृति की अध्यक्षा मोनिका ठोल्या ने भी अनुमोदना की।