टीम एबीएन, गुमला/ रांची। आज दिनांक 10.09.2023 (दिन - रविवार) को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) के द्वारा सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान: वर्ष - 2023 के आठवें चरण का आयोजन भरनो (गुमला) के ग्राम - डोम्बा में किया गया।
कार्यक्रम में आम, अमरूद, मोहगनी, गुलमोहर, करंज, महुआ, कुसुम इत्यादि के 380 पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया।
विधिवत आरती-पूजन के बाद स्थानीय ग्रामीण नेहरू उरांव के बागान में 100 पौधे एवं श्री कुंवरचंद उरांव के बागान में भी समूह सदस्यों ने 55 पौधों का रोपण किया।
उसके बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी की गयी, जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीण बंधुओं को अवगत कराया गया। साथ ही वृक्षों के कमी से हो रहे दुष्परिणामों के बारे में अवगत करते हुए वृक्षों के बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
गोष्ठी में बताया गया कि समूह के जशपुर (छत्तीसगढ़) स्थित ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम के बागान में एक बोरवेल (नलकूप) लगाया गया था जिसमे पानी नहीं निकला। बागान में अन्य स्त्रोत से वृक्षरोपण किया गया और सात - आठ वर्ष बाद जब वृक्ष बड़े हो गए तो उसी नलकूप में अपने आप पानी निकल आया।
इससे यह सिद्ध हुआ कि वृक्ष बस पर्यावरण संतुलन ही नहीं बल्कि जल संरक्षण में भी सहायक होते हैं। गोष्ठी के बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच 225 पौधों का वितरण किया गया। सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से लोगों को वृक्ष लगाने एवं वृक्षों को बचाने के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान - वर्ष 2023 के अन्तर्गत शाखा रांची द्वारा कुल आठ चरण का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम- गंगड़ा (जिला गुमला), ग्राम- जुरकेला (जिला सिमडेगा), ग्राम - कोइन्जारा (जिला- गुमला), ग्राम - गुडू (जिला - रांची), ग्राम - भरनो (जिला - गुमला), ग्राम - राजाडेरा (रांची), ग्राम - पोड़ा एवं ग्राम- लुद्रू (कर्रा - खूंटी) एवं ग्राम - डोंबा (गुमला) में कुल 2810 पौधों का रोपण सह वितरण किया गया।
कार्यक्रम में डोम्बा से लालदेव उरांव, बालदेव उरांव, राजेंद्र उरांव, सोमारी उरांव एवं सुश्री किरण उरांव का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची की ओर से राधेशयम सिंह, शशिभूषण मिश्रा, अरुण सिंह, नवल किशोर सिंह, समरेंद्र सिंह, राधा मोहन मिश्रा, भानु प्रताप नाथ शाहदेव, उदय नारायण पाण्डेय, सुनील सिंह, शंभू शंकर षाड़ंगी, श्रवण शर्मा, हिमांशु ठाकुर, गौरीशंकर षाड़ंगी, गंगाधर नाथ शाहदेव, सुधांशु ठाकुर, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, अंजनी सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गिरेन्द्र नाथ शाहदेव, रविन्द्र साहू, सागर सिंह, उदित सिंह, मानवेंद्र नाथ शाहदेव, रविंद्र उरांव, शिवेंद्र राय, विकास कुमार, सौरव कुमार, शशि साहू, नागदमनी नाथ शाहदेव, यदुनाथ शाहदेव के साथ लगभग 30 श्रद्धालु-सदस्यगण शामिल हुए।