प्याज लहसुन समेत अन्य सामाग्रियों की बिक्री बढ़ी
- कई श्रद्धालु भक्तों ने रचा इतिहास, जन्माष्टमी गणेश चतुर्थ सहित अन्य पर्व त्योहारों की तैयारी में जुटे धार्मिक एवं सामाजिक संगठन स्कुलों में कृष्ण सज्जा प्रतियोगिता का होगा आयोजन
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। 2 माह से चले आ रहे सावन का समापन के बाद होटलों निवास स्थलों में प्याज लहसुन इत्यादि खाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। झुमरी तिलैया के झरना कुंड, कोडरमा के ध्वजाधारी धाम सहित झुमरी तिलैया, कोडरमा, डोमचांच, मरकच्चो, सतगावां, जयनगर के शिवालयों में 59 दिनों से ही श्रद्धालु भक्तों की भीड़ लगी रही।
इस दौरान भक्तों ने बेलपत्र, दूध, जल, फूल सहित अन्य पूजा सामग्रियों के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। वहीं हर हर महादेव, ओम नम: शिवाय के उद्घोष से मंदिर परिसर और निवास स्थल के कोने-कोने गूंजते रहे। कई घरों में रुद्राभिषेक भी किया गया। महाप्रसाद का वितरण किया गया।
बताते चलें कि 2 महीने से पूरे कोडरमा वासी शिव की आराधना में लीन रहे। नगर की धार्मिक संगठन श्री राम संकीर्तन मंडल के द्वारा निकाली गई अंतिम सोमवारी को कांवर पद यात्रा में 1 लाख से अधिक श्रद्धालु भक्त शामिल हुए। वहीं शिव वाटिका में दो माह तक कॉवरियों के लिए रहने खाने की व्यवस्था नि:शुल्क रही।
संगीतमय भजनों की आयोजन की धुम देखने को मिली। सावन माह में भक्तों ने जहॉ प्रत्येक सोेमवार को वर्त रखा। वहीं कई श्रद्धालु भक्त भी भक्तिमय शक्ति लाने का कार्य किये। इसमें कोडरमा के सुशील अग्रवाल प्रतिदिन सुबह 5 बजे 777 सीढी चढ़कर बाबा भोले को जलाभिषेक किया।
वहीं झुमरी तिलैया अडडी बंगला निवासी आशीष अग्रवाल 59 दिनों तक एक समय दूध लेकर सावन माह व्यतीत किया। मालूम हो कि आशीष अग्रवाल को शुगर की बीमारी भी है और ऐसे में वो लगातार 17 वर्ष तक 1-1 माह का उपवास दूध पर किये। इस बार 2 माह तक उन्होंने दूध पर रहकर व्रर्त का पालन किया।
फल एवं खाद्यान्न इस दौरान नहीं लिया। वहीं झुमरी तिलैया के विकास शर्मा जो लगातार 13 वर्ष से सावन में मौन रहते हैं। इस वर्ष भी सावन के पहले पाक्षिक 4 जुलाई से 18 जुलाई और 17 अगस्त 31 अगस्त तक मौन रहे और देवाधीदेव की पूजा अर्चना मे लीन रहे। इस दौरान वे लोगों से इशारे या लिखकर अपनी बातों को रखते थे।
इधर सावन की समाप्ति के साथ ही सितंबर माह में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, तीज, करमा, विश्वकर्मा पूजा सहित कई पर्व मनाया जायेगा। वहीं स्कूलों में कृष्ण सज्जा प्रतियोगिता एवं मटकी फोड का आयोजन की तैयारी भी शुरू हो गयी है। इन त्योहारों की तैयारी में लोग जुट गए हैं। वही टेंट, लाइट आदि की भी बुकिंग की जा रही है। कई जगह भक्ति जागरण के लिए गायकों और म्यूजिशियन की बुकिंग की जा रही है।