राष्ट्रपति मुर्मू भी रहीं कार्यक्रम में मौजूद
एबीएन सोशल डेस्क। कश्मीर के बारामूला में 2004 में आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए लांस नायक राज कुमार महतो की पत्नी जया प्रभा महतो ने भावुक होते हुए कहा, जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान में मेरे पति की मृत्यु हो गयी, तो दुख में मेरी साड़ी केसरिया, सफेद और हरी हो गयी।
रांची निवासी महिला ने सोमवार को यहां आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए खुद को वीर नारी बताया। उन्होंने कहा-विधवा शब्द कमजोरी की भावना को व्यक्त करता है, लेकिन वीर नारी सशक्तिकरण की भावना देता है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद थीं।
अपने गृह राज्य के एक सरकारी स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका जया प्रभा की शादी कम उम्र में ही हो गयी थी और शादी के सात साल बाद ही 2004 में उनके पति शहीद हो गये थे। दो बच्चों की मां जया प्रभा ने कहा- उन्हें 1994 में सेना की जाट रेजिमेंट में कमीशन मिला था और फिर सियाचिन और सिक्किम सहित कई स्थानों पर उनके कार्यकाल के बाद उन्होंने दिल्ली में एनएसजी के साथ तीन साल का कार्यकाल पूरा किया। जब संसद पर आतंकवादी हमला हुआ तब वह दिल्ली में तैनात थे।
उन्होंने कहा कि एनएसजी के बाद वह राष्ट्रीय राइफल्स में थे और पांच आरआर में सेवा के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान गोली लगने से घायल हो गये थे। उन्होंने यहां मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर कहा कि उनकी मौत की खबर और तारीख मेरी स्मृति में अंकित है, वह चार जून, 2004 थी।
राष्ट्रपति मुर्मू अस्मिता : इंस्पिरेशनल स्टोरीज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थीं, जिसमें महतो और केरल निवासी संजना नायर ने अपने जीवन के संघर्षों और मजबूत, स्वतंत्र और साहसी महिलाओं के रूप में अपने जीवन की कहानियां बतायीं।
नायर एक सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी हैं, जो कला, चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों की मदद भी करती हैं। उन्होंने यौन उत्पीड़न के बारे में बात की, जब वह कम उम्र की थीं। उन्होंने कहा कि मैं एक दुष्कर्म पीड़िता थी। मेरे माता-पिता और मेरे परिवार ने मुझे अपने टूटे हुए आत्मविश्वास के पुनर्निर्माण में मदद की, जब मैंने सारी उम्मीद खो दी थी। उन्होंने कहा- मैं एक सैनिक की बेटी हूं और मैं लड़ सकती हूं।