कथा आचार्य को विद्या नहीं बेचना चाहिए
टीम एबीएन, रांची। राम जानकी मंदिर हाउसिंग कॉलोनी बरियातू में 19 जुलाई से बारह अगस्त तक स्थानीय पुजारी और ज्योतिष, तंत्र, कर्मकांड तथा अध्यात्म के ख्यातिप्राप्त कथा वाचक पं. रामदेव पाण्डेय ने श्रीमद्भागवत, देवीभागवत तथा शिवपुराण की कथा सावन पुरुषोत्तम मास में कर भक्ति की अविरल धारा बरियातू क्षेत्र में बहायी है।
पंडित जी की कथा में दार्शनिक, तत्व विवेचना, राष्ट्रवाद और वैदिक काल के घटनाक्रम को प्रासंगिक बनाकर रखने की अद्भुत कला से श्रोताओं में जागृति आयी है। शिव और बगलामुखी के उपासक पंडित जी बरियातू के अलावा इरबा ओइना, डाइमंड सिटी में सात फीट के नर्मदेश्वर महामृत्युंजय नाथ शिव मंदिर बना रहे हैं। जिस नर्मदेश्वर शिव को खरगोन खंडवा से लाया गया है।
पंडित जी का दावा है कि यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नर्मदेश्वर शिव लिंग है, जो तीन टन वजन का भी है। वहीं ओडिशा से चार फुट के विशाल नंदी भी विराजमान हैं। सावन में दोनों मंदिरों में पंडित जी भंडारा रखते हैं।
बरियातू में भंडारा 27 अगस्त को होगी। आज कथा के विश्राम पर पंडित जी ने कहा कि जो भी परिवार, संस्था, मंदिर उपरोक्त कोई भी कथा का आयोजन चाहती है, तो सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए नि:शुल्क कथा करेंगे। यदि संगीतमयी कथा करानी होगी, तो तीन वाद्य कलाकरों की दक्षिणा लगेगी। विद्यालय और क्लासेस भी गीता, शिव, राम, कृष्ण पर मोटिवेशनल सेमिनार रखते हैं, तो इन्हें भी नि:शुल्क सेवा रांची में मिलेंगी।
मां बगलामुखी ब्रह्म विद्या संस्थान सोसायटी रांची भी कथा, सेमिनार, यज्ञ आयोजन में सहयोग करेगी। क्योंकि यज्ञ, कथा, सत्संग ही सनातन के प्राण हैं और कथावाचकों को अपनी विद्या बुद्धि बेचना नहीं चाहिए। यह भी पंच यज्ञ में एक ज्ञान यज्ञ है। पंडित जी इस वृहद आयोजन के लिए आयोजक, भक्त, श्रोता और मीडिया को आशीर्वाद दिया।