टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्तर पर आनलाइन गायत्री युग साहित्य पुस्तक स्वाध्याय मंडल संचालन प्रतिनिधित्व की दूसरी गहन गोष्ठी हुई। जिसमें आगामी वर्ष जनवरी 24 मुंबई में होने वाले अश्वमेधीय महायज्ञ आयोजन की चर्चा हुई। इसमें पुस्तक मेला महोत्सव का भी आयोजन होगा।
इस वर्ष गत फरवरी-मार्च 23 में नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में गुरुवर श्री आचार्य वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीरामशर्मा आचार्यजी की लिखी और उस आयोजित पुस्तक मेला में जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उसमें राष्ट्रीय राजधानी एनसीआर के साथ अन्य प्रांतीय गायत्री परिवार साधकों का जो योगदान रहा, वह सराहनीय रहा।
उसी प्रकार मुंबई अश्वमेधीय महायज्ञ आयोजन में भी अनेक स्तर पर अनेक प्रांत से अपना समयदान योगदान और उसमेंअच्छी भूमिका निर्वाह करने की चर्चाएं हुई। इसमें विशेष भूमिका पुस्तक मेला महोत्सव में अच्छी, सशक्त, सुदृढ़ व्यवस्था में योगदान करने पर विचार विमर्श हुए। गोष्ठी में भागीदार साधक-शिष्यों के समक्ष निम्न कुछ प्रश्नों पर विचार भी किये गये कि कैसे जुड़ें विचार क्रांति अभियान से, कैसे अपनी विषय-रुचि के युग साहित्य को करें आत्मसात करें, कैसे घर-घर, जन-जन ले जायें।
उस विषय के युग साहित्य को, कैसे योगदान दें। साथ ही उसके आडियो रूपांतरण, पुस्तक के सारांश और सद्वाक्य निकालने, कैसे ले चलें व चलायें लघु ज्ञान रथ के माध्यम से उस साहित्य को घर घर तक पहुंचायें। कैसे बनायें कुछ युग साहित्य के पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन जो स्कूल, कॉलेज कॉरपोरेट में दिखाए जा सके।
कैसे संलग्न हों उस विषय के स्वाध्याय में और जोड़ें हजारों मित्रों व जन समुदाय को। इन विषयों और पुस्तकों को वर्गीकरण, वितरण और उनके सारांश तैयार करने के साथ-साथ उनकी अच्छी आडियो निर्माण पर गहनता से विचार विमर्श किये गये। इनसे संबंधित आगे कल भी संध्याकालीन एक गोष्ठी आयोजन करने का निर्णय हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।