टीम एबीएन, रांची। विचार क्रांति अभियान के अंतर्गत नवयुग का नवसृजन से संबंधित युग साहित्य पुस्तक का स्वाध्याय पाठ और उस पर संवाद में पूज्यवर श्रीगुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की लिखी सैकड़ों में अनेक पुस्तकों के स्वाध्याय पाठ पर विचार विमर्श हुए।
उसमें अलग-अलग सेट्स तैयार करने, उनके पठन-पाठन का समय आवंटन और संवाद में समय निर्धारित कर शिष्य साधक गण सोमवार शाम की ब्रह्म संध्या वंदन उपरांत आनलाइन जुड़े। संवाद-संदेश में बताया गया कि इस संबंध में शांतिकुञ्ज के तत्वावधान में राष्ट्र स्तरीय आनलाइन अच्छी संख्या में लगातार ब्रह्म मुहूर्त भोर से ही साधक-शिष्य जुड़ रहे हैं और शाम तक समयदान कर शिष्य साधक अपनी सुविधानुसार समय निर्धारित कर स्वाध्याय पाठ में शामिल हो रहे हैं।
आगे चर्चा रही कि विषय अनुरूप युग साहित्य का स्वाध्याय पाठ, उसका आत्मसात एवं प्रचार प्रसार योजना तैयारी करनी है। आनलाइन राष्ट्रीय संयोजक ने बताया कि परम पूज्य गुरुवरजी और परम वंदनीय माताजी के आशीर्वाद से हम सबको विचार क्रांति अभियान से जुड़ कर पुस्तकों को आत्मसात कर के उनको जन जन एवं घर घर तक पहुंचाने का अति स्वर्णिम अवसर मिला है।
इस विषय पर चर्चाओं में करीब 50 साधक-शिष्यों ने भाग लेकर अपने संवाद में प्रश्नोत्तरी सहित विचार व्यक्त किये। यह गोष्ठी क्रम अभी जारी रहेगा। शुभारंभ गुरु-ईश ध्यान नमन वंदन और समापन शान्ति पाठ से हुआ।