- सनातन में प्रेम कथा सुखांत है, बाकी आज की लव स्टोरी केवल दुखांत
एबीएन सोशल डेस्क। आदर्श पति की बात करते हैं तो भगवान शिव, च्यवन ऋषि का पोता रूर और श्री राम हैं। यह सब प्रेम कहानी है। पर यहां सभी प्रेम कहानी सुखांत है, जबकि शेष कथित लव स्टोरी दुखांत ही होते हैं।
श्री मद्भदेवीभागवत कथा के तीसरे दिन पंडित रामदेव पाण्डेय ने कहा कि रूर ने अपनी प्रेयशी प्रेमदता को आधी आयु देकर जीवन दिया था, तो शिव ने सती के शरीर को लेकर अफगानिस्तान से म्यांमार तक विरह वेदना में भटकते रहे और एक सौ आठ सिद्ध पीठ बना। जहां सती के जले शरीर का अंग गिरा और हजारों साल समाधि में रहकर फिर पार्वती के रूप में प्राप्त किये।
राम ने सीता के लिए रावण को जीत लिया, तो बृहस्पति ने तारा को पुनः गृहस्थी में अवसर देकर आदर्श दाम्पत्य का परिचय दिया। साथ ही तारा, सीता, सती के द्वारा की गयी गलतियों को क्षमा भी किया। नारी सदैव क्षमा की पात्र है। राम जानकी मंदिर हाउसिंग कॉलोनी बरियातू में कथा चल रही है।