- गुंबद कितने पुराने, मस्जिद के नीचे क्या दबा? ज्ञानवापी सर्वे से इन सवालों के जवाब होंगे बेपर्दा
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वाराणसी कोर्ट के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ज्ञानवापी परिसर में वैज्ञानिक सर्वे का काम शुरू कर चुकी है। सर्वे काशी विश्वनाथ मंदिर के पास बनी ज्ञानवापी मस्जिद में किया जा रहा है।
मस्जिद की तीनों गुंबद, पश्चिमी दीवार समते परिसर का ये सर्वे वहां की वास्तविक स्थिति को और साफ करेगा। दावा किया जा रहा है इस सर्वे के बाद ही काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पूरी तरह सुलझाया जा सकेगा।
इस दौरान कई सवाल भी उठ रहे हैं कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम सर्वे के दौरान क्या-क्या करेगी? सर्वे कैसे होगा? कहां-कहां होगा? वगैरह।
इन सवालों के जवाब को एक रिपोर्ट की शक्ल देकर एएसआई की टीम 4 अगस्त को जमा करेगी। 4 अगस्त को ही वाराणसी कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
ज्ञानवापी सर्वे से क्या पता चलेगा
- मस्जिद के नीचे की जमीन में मंदिर के अवशेष हैं या नहीं?
- क्या जमीन के नीचे स्वयंभू विश्वेश्वरनाथ शिवलिंग के अंश हैं?
- क्या मस्जिद किसी मंदिर के ऊपर बनायी गयी है?
- जमीन के नीचे क्या दबा हुआ है?
- तीन गुंबद कब बनाये गये और उनके नीचे क्या है?
- मस्जिद की दीवारें कहीं प्राचीन मंदिर का हिस्सा तो नहीं?
एएसआई के सर्वे में क्या-क्या होगा?
- तीन गुंबदों के ठीक नीचे जीपीआर सर्वेक्षण किया जायेगा।
- पश्चिमी दीवार की उम्र और निर्माण की प्रकृति की जांच की जायेगी।
- सभी तहखानों की जमीन के नीचे जीपीआर सर्वेक्षण होगा
- वहां मौजूद सभी कलाकृतियों की एक सूची तैयार होगी।
- निर्माण कितना पुराना है और उसकी प्रकृति का पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग होगी।
कहां-कहां होगा एएसआई का सर्वे
- काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी दीवार का
- ज्ञानवापी के पिछले हिस्से का
- गुंबद, खंबे और पिलर का
- तहखाने का
वजूखाने का सर्वे क्यों नहीं
एएसआई की टीम वजूखाने को छोड़ ज्ञानवापी के पूरे परिसर का सर्वे कर सकती है। दरअसल, ज्ञानवापी परिसर में आने वाला वजूखाना फिलहाल सील है और इसका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इसलिए वाराणसी कोर्ट के जज का आदेश है कि वजूखाने को छोड़ एएसआई की टीम पूरे ज्ञानवापी परिसर का वैज्ञानिक सर्वे कर सकती है।