टीम एबीएन, रांची। जिले के नामकुम प्रखंड के डूंगरी पंचायत के ग्राम बुंदू 10 माइल के पास कुम्हार पवन राम अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता है। जिनका मुख्य व्यवसाय हस्तकला मिट्टी का बर्तन, दीया आदि सामान बनाने से है। कुम्हार पवन राम 2001 से यह काम करते हैं।
पहले पवन राम मिट्टी का सामान बनाने के लिए हाथ के चक्के का उपयोग करते थे। उसके बाद उन्होंने बिजली के चाक का उपयोग किया। किंतु 2019 में संस्था लीड्स के रेस परियोजना के द्वारा ग्राम गुंडू के ग्राम सभा की बैठक में पवन का नाम सुनकर आया, जिसमें लीड्स संस्था ने ग्रीन बिजनेस चैलेंज के तहत पवन राम को सोलर चाक उपलब्ध कराया।
संस्था लीड्स के रेस परियोजना अंतर्गत ग्रामीण कुम्हारों को आगे बढ़ने के लिए तथा स्वच्छ ऊर्जा के संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लीड्स द्वारा उपलब्ध सौर ऊर्जा संचालित चाक से कुम्हार अधिक से अधिक वस्तु बनाकर अपनी आय दुगनी कर जीवन यापन के कर रहे हैं।
उद्यमशीलता और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार अपने गांव में रहकर अच्छा व्यवसाय कर आगे बढ़ने के लिए लीड्स के परियोजना द्वारा यह मुहिम चलाया गया, जिसमें पवन राम को खरीद बिक्री का ब्यौरा मांगा गया। मोहन राम ने बताया कि चौक में मोटर स्वयं से फिटिंग किये हैं, किंतु अपनी आय में बढ़ोतरी कर पाये लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कई परेशानियां आती है।
बिजली चले जाने के बाद कार्य भी बंद हो जाती है। बिजली बिल इत्यादि की परेशानियां रेस परियोजना के तहत सोलर चाक मिल जाने के कारण पवन राम को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हुआ। अब पवन राम अपनी सहूलियत के अनुसार मिट्टी का सामान ज्यादा से ज्यादा बनाने लगे हैं, जिसमें उसकी आय में बढ़ोतरी हुई। पवन राम बताते हैं कि पहले मेरी आय 5 हजार से 10,000 होती थी। किंतु अब सोलर लगने के बाद मेरी आय 15 हजार से 20,000 हो गयी है।