- टमाटर के बाद मिर्च ने दिखाये तेवर, 400 रुपये तक पहुंचे दाम
एबीएन सोशल डेस्क। मानसून की बारिश ने मौसम तो सुहाना कर दिया लेकिन लोगों की थाली का बजट बिगाड़ दिया है। अभी लोगों की थाली से टमाटर दिन-ब-दिन गायब ही हो रहा था कि अब हरी मिर्च के दाम में भी आग लग गयी है।
टमाटर के दाम 100 के पार जाने के बाद अब मंडी में मिर्च के दाम भी 400 रुपये के पार जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हरी मिर्च के दाम 300 से 400 रुपये किलो पर पहुंच गये हैं। मंडी विशेषज्ञों की मानें तो बारिश के मौसम में दाम और भी बढ़ सकते हैं।
पिछले महीने से देश भर में टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। बारिश के कारण उत्पादक केंद्रों से आपूर्ति बाधित होने के कारण दिल्ली-एनसीआर में टमाटर की खुदरा कीमतें 140 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी हैं।
एशिया की सबसे बड़ी थोक फल और सब्जी मंडी आजादपुर मंडी में टमाटर की थोक कीमतें सोमवार को गुणवत्ता के आधार पर 60-120 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच थीं। रविवार को मदर डेयरी का सफल बिक्री केंद्र टमाटर 99 रुपये प्रति किलो बेच रहा था।
एक ऑनलाइन खुदरा विक्रेता सोमवार को टमाटर हाइब्रिड 140 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेच रहा था। बिगबास्केट पर टमाटर का दाम 105-110 रुपये प्रति किलोग्राम था।
इन राज्यों में हरी मिर्च के रेट
सूत्रों के अनुसार चेन्नई के कुछ हिस्सों में हरी मिर्च का दाम 100 रुपए किलो है। वहीं, कुछ हिस्सों में इसका दाम 400 रुपये किलो भी है। कोलकाता में हरी मिर्च के रेट 400 रुपये किलो पहुंच गये हैं।
मंडी विशेषज्ञों का कहना है कि ये दाम अभी हाल-फिलहाल में ही बढ़े हैं। बारिश की वजह से आवक कम होने के चलते दाम दिन-पर-दिन बढ़ रहे हैं।
हरी मिर्च घटकर 80 टन रह गयी
पिछले सप्ताह हरी मिर्च घटकर 80 टन रह गयी है जबकि चेन्नई की रोज की जरूरत लगभग 200 टन है। हरी मिर्च की डिमांड मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से आने वाले माल से पूरी होती है।
हालांकि, हरी मिर्च की कम आपूर्ति के कारण डिमांड में वृद्धि हुई है और कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। आंध्र प्रदेश में किसान पिछली फसल में अपनी मिर्च की अच्छी कीमत पाने में असफल रहे, जिसके कारण उन्होंने अन्य फसलों का उत्पादन करना शुरू कर दिया।