Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
समाज

समाज को अनुशासन, बौद्धिक, शारीरिक विकास और उन्नति की राह पर ले जाना है : सच्चिदानन्द

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
समाज को अनुशासन, बौद्धिक, शारीरिक विकास और उन्नति की राह पर ले जाना है : सच्चिदानन्द
विज्ञापन
  • आरआरएस के स्वयंसेवकों के पद संचलन में अनुशासन, लयबद्धता और राष्ट्रप्रेम की झलक देखी 
  • प्रथम और द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के शिक्षार्थियों ने लोहरदगा में पद संचलन किया  
  • आरएसएस के पद संचलन कार्यक्रम को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे 
  • शहरवासियों और महिला मंडल की सदस्यों ने पुष्प वृष्टि कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया 

टीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा में चल रहे बीस दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम और द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के निमित्त शिक्षार्थियों ने गुरुवार शाम को लोहरदगा शहर में पथ संचलन कार्यक्रम किया।  पद संचलन के मद्देनजर शहर में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था किए गए थे। 

शहर के तमाम इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए थे। चौक चौराहों में स्टैटिक पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया था। इसके अलावात्न बड़ी संख्या में बाइक दस्ता महिला पुलिस को भी ड्यूटी में लगाया गया था। 

पथ संचलन लोहरदगा  ललित नारायण मिश्र स्टेडियम से प्रारंभ होकर बरवाटोली महावीर चौक, बड़ा तालाब, अमला टोली होते हुए सुभाष चंद्र बोस चौक से होते हुए न्यू रोड, वीर शिवाजी चौक अजय उद्यान से होते हुए स्टेडियम पहुंच कर सम्पन्न हो गया। भव्य पथ संचलन किया गया विभिन्न चौक चौराहों में सनातन धर्मावलंबियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया।  

झारखंड प्रांत आरएसएस संघचालक सच्चिदानंद लाल ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग पथ संचलन कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के संघ शिक्षा में भाग लेने वाले संगठन के दृष्टिकोण से राज्य के सभी 28 जिलों के स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विशेष द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में झारखंड और बिहार के स्वयंसेवक हैं। जिनकी अवस्था 40 से 60 वर्ष तक के शामिल है। 

संघ शिक्षा वर्ग का पथ संचलन का एकमात्र उद्देश्य है, कि हमारे समाज को अनुशासन बौद्धिक और शारीरिक विकास के साथ उन्नति की राह पर ले जा सकते हैं। साथ ही राष्ट्रीय के प्रति अपनी स्वयं की जिम्मेवारी किस प्रकार होनी चाहिए, यह एहसास दिलाता है।  

कार्यक्रम में प्रांत विभाग जिले और अलग-अलग दायित्व के निर्वहन करने वाले अधिकारी और समाज के निस्वार्थ सहयोग से यह संकल्प पूरे होते हैं। स्वयंसेवकों ने घोष बैंड के धुन में कदम से कदम मिलाकर एकबद्ध होकर पद संचलन में भाग लिया। 

सभी स्वयंसेवकों के कदम नपे- तुले थे। जैसे किसी सैनिक के दस्ते का परेड हो रहा हो। संघ के सॉन्ग सेवकों ने संघ शिक्षा वर्ग के दौरान किस तरह से अनुशासन से बंधे हुए रहते हैं।राष्ट्र उनके लिए सर्वप्रथम होता है। इसकी झलक पद संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने प्रस्तुत किया।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 116,302