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भारतीय संस्कृति के प्रतीक शिखा और जनेऊ : डॉ कुंजदेव मनीषी

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भारतीय संस्कृति के प्रतीक शिखा और जनेऊ : डॉ कुंजदेव मनीषी
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  • आर्यवीर दल झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय युवा चरित्र निर्माण शिविर का छठा दिन

टीम एबीएन, लोहरदगा। गुरुकुल आम सेना महाविद्यालय के उपाचार्य डॉक्टर कुंजदेव मनीषी ने आज दिनांक 14 मई को बौद्धिक कक्षा में शिखा संस्कृति पर उपस्थित प्रशिक्षुओं को बताए कि शिखा से मन एकाग्र होता है। शिखा का स्थल को लघु मस्तिष्क होता है, शिखा और जनेऊ भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। आदिकाल से ही शिखा रखने का विधान है। 

उन्होंने शाकाहारी आहार अपनाने को श्रेष्ठतम आहार बताया। बौद्धिक कक्षा के दौरान कई विद्वानों ने अपने विचारों से बच्चों को संस्कार, चरित्र निर्माण, सम्यक विचारों पर विचार प्रकट किये। जिनमें रांची के प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डा गोपाल सिंह, सेवानिवृत प्रो बी एन घोष, पतंजलि के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह जिला संरक्षक शिव शंकर सिंह, शिक्षक नवनीत गौड़, गणेश शास्त्री ने बच्चों को मार्ग दर्शन किया।

मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव समापन समारोह के होंगे मुख्य अतिथि

आर्य वीर दल झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में सात दिवसीय युवा चरित्र निर्माण शिविर के समापन समारोह में झारखंड सरकार के कैबिनेट एवं वित्त मंत्री स्थानीय विधायक डॉ रामेश्वर उरांव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उक्त आशय की जानकारी गुरुकुल शांति आश्रम के संचालक आचार्य शरदचंद्र आर्य ने दी।

उन्होंने बताया कि संध्या 4 बजे से समापन समारोह के दौरान कई कार्यक्रमों का प्रदर्शन भी प्रशिक्षण के द्वारा किया जायेगा। कार्यक्रम में शहर के एवं आसपास जिले के गणमान्य जन भी उपस्थित रहेंगे।

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