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युवा चरित्रवान और संस्कारवान बनकर राष्ट्र को सशक्त करें : नीरज कुमार

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युवा चरित्रवान और संस्कारवान बनकर राष्ट्र को सशक्त करें : नीरज कुमार
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  • आर्यवीर दल झारखंड सात दिवसीय आदर्श युवा चरित्र निर्माण शिविर शुरू
  • गुरुकुल शांति आश्रम लोहरदगा प्रांगण में आर्यवीर दल झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में 15 मई तक चलेगा शिविर
  • कमजोर शरीर वाले व्यक्ति को मोक्ष भी प्राप्त नहीं होता : आचार्य
  • शिविर में सात जिलों के 150 से अधिक युवा ले रहे हैं भाग

टीम एबीएन, लोहरदगा। गुरुकुल शांति आश्रम लोहरदगा परिसर में मंगलवार को सात दिवसीय आर्य वीर दल झारखंड प्रांत का आदर्श युवा चरित्र निर्माण शिविर शुरू हुआ। इसका शुभारंभ गुरुकुल के आचार्य और ब्रह्मचारियों की मौजूदगी में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज सीएसआर लोहरदगा मुख्यालय के हेड नीरज कुमार ने आर्यवीर दल का  ध्वजारोहण कर किया।

इस शिविर में देवघर, रांची, गुमला, सिमडेगा,चतरा, लातेहार और मेजबान लोहरदगा के 150 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षक विशेष रूप से भाग ले रहे।

मुख्य अतिथि नीरज कुमार ने इस मौके पर शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा की वैदिक धर्म दुनिया का श्रेष्ठ धर्म है। शिविर में बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विधाओं के बारे में बताया जायेगा। यज्ञ अनुष्ठान, योग, प्रणायाम, संस्कृति की रक्षा, पीड़ित जनों की सुरक्षा और शारीरिक रूप से सशक्त होने की विधि बतायी जायेगी।

मुख्य अतिथि हिंडालको के सीएसआर प्रमुख ने कहा आर्यवीर दल का प्रशिक्षण से आप सभी शिविरार्थी चरित्रवान और संस्कारवान बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। यह प्रशिक्षण मौजूदा समय में समाज के लिए बेहद कारगर और प्रभावी कार्यक्रम है।

कार्यक्रम में परिचय उद्बोधन झारखंड प्रांत आर्यवीर दल के प्रमुख आचार्य शरचचंद्र आर्य ने किया। कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य संस्कृति की रक्षा, सेवा और युवा शक्ति का संचय करना है। कोई भी व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर होता है, तो उन्हें मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती। शक्ति संचय का उद्देश समाज के पीड़ित उपेक्षित लोगों की सुरक्षा करना है। 

संस्कृति की रक्षा तब हो सकती है, जब हम परिस्थिति में भी कठिन परिश्रम से काम को आरंभ करें। उसे सफलतापूर्वक मंजिल तक पहुंचा कर उसे सफल बनाएं। तभी आप उत्तम पुरुष बन सकते हैं। अभी मध्यम है। शिविर के बाद आप सभी श्रेष्ठ नागरिक के रूप में अपने को पायेंगे। संस्कृति की रक्षा और सेवा करने पर आत्मविश्वास प्रबल होगा। जरूरत शिविर के सभी नियमों और गतिविधियों में सहभागितापूर्ण अनुशासन पूर्वक करना है। यही जीवन को श्रेष्ठ और अलग बनायेगा। उद्घाटन सत्र कासंचालन गणेश शास्त्री व धन्यवाद ज्ञापन पहलवान महादेव आर्य ने की।

गुरुकुल शांति आश्रम प्रांगण में सात दिवसीय ग्रीष्म कालीन शिविर में विद्यार्थियों को चरित्रवान, बलवान और संस्कारवान बनाने के पवित्र उद्देश्य को लेकर झारखंड और समीप के सुयोग्य शिक्षकों की देखरेख में सात दिवसीय युवा चरित्र निर्माण शिविर मंगलवार को शुरू हुआ। यह 15 मई तक चलेगा।

गुरुकुल के आचार्य शरचचंद्र आर्य ने बताया कि शिविर में 15 वर्ष से 25 वर्ष तक के युवा भाग ले रहे हैं।  शिविर में शारीरिक, आत्मिक, बौद्धिक विकास हेतु योगासन, प्राणायाम, दंड बैठक, लाठी, तलवार चलाना, जूडो कराटे तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न विषयों में पारंगत विद्वानों के द्वारा भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय, सामाजिक तथा समसामयिक विषयों पर उद्बोधन भी होगा।

शिविर के आयोजन में इनकी है महती भूमिका-

शिविर के आयोजन के लिए आचार्य शरचचंद्र आर्य के अलावे महामंत्री गणेश कुमार शास्त्री, बौद्धिक अध्यक्ष सोमनाथ शास्त्री, प्रधान व्यायाम शिक्षक आशीष कुमार आर्य, सह बौद्धिक अध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र कुमार मेहेर, संगठन मंत्री भूषण प्रसाद, शिविर प्रबंधक महादेव आर्य, व्यायाम शिक्षक अर्जुन देव आर्य, कोषाध्यक्ष संजय चंद्र यादव, मीडिया प्रभारी अभय भारती, उपसंचालक परमेश्वर शास्त्री, व्यायाम शिक्षक किशन कुमार शास्त्री समेत मनीष शास्त्री, अविनाश चंद्र शास्त्री, वेद प्रकाश शास्त्री, कपिल देव पंडित, राजवीर चौधरी, विजय आर्य, पंकज यादव, दीपक शास्त्री, शिवराज विजय, मनोज शास्त्री, सुरेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, सुरेश शास्त्री, बिंदेश्वर शास्त्री, महेश आर्य, खुशी भारती, रिंकू कुजूर, रीना कुमारी समेत आसपास के सामाजिक व्यक्तित्व सहयोग कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र में शहर के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

इनमें विजय जायसवाल, गुप्तेश्वर प्रसाद गुप्ता, गुड्डू प्रसाद, चमर राम प्रजापति, धनंजय अग्रवाल, दीपक कर्मकार, शीतल कर्मकार आदि विशेष रूप से मौजूद थे।

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