- गुरुद्वारा में मना बैशाखी का पर्व, लंगर में जुटे श्रद्धालु
- खालसा पंथ की स्थापना कर गोविंद सिंह जी ने चिड़ियों को दी थी बाज जैसी शक्ति : शालिनी
टीम एबीएन, कोडरमा। खालसा पंथ के 324 वें सृजन दिवस व बैशाखी पर्व को लेकर झुमरीतिलैया के दो गुरुद्वारों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन शुक्रवार को किया गया। सुबह से ही गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालु पहुंचे और मत्था टेककर मन्नतें मांगी।
झुमरीतिलैया के गुरुद्वारा रोड स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। जहां ज्ञानी राजा सिंह, कुलदीप सिंह, बीबी इंद्रजीत कौर, अमरजीत कौर, सिया कौर, सोनिया कौर, हरबिन छाबड़ा, शतवीर कौर, राजवीर सिंह ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालु भक्तों को निहाल किया।
मौके पर सचिव यशपाल सिंह गोल्डन कहा कि बैशाखी विशेषकर किसानों का त्योहार है। जब गेहूं की फसल को देखकर उनका मन नाचने लगता है। कार्यक्रम में वाह वाह गोविंद सिंह जी आप ही गुरु-चेले एवं जो बोले सो निहाल... से गूंजता रहा।
बतौर मुख्य अतिथि पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को 1699 में अमृत पान कराकर बैशाखी की प्रथा चलाई। उस दिन से सिख जगत बैशाखी पर्व मनाते हैं। इस दिन से फसल काटने की शुरुआत होती है और इस दिन को शुभ भी माना जाता है।
उन्होंने आगे कहा के खालसा पंथ की स्थापना कर गुरु गोविंद सिंह जी ने चिड़ियों को बाज की शक्ति भी दी। मौके पर समाज के शकुंतला देवी ने शॉल ओढ़ाकर तथा गुरुद्वारा के प्रधान अवतार सिंह ने प्रतीक चिह्न देकर शालिनी गुप्ता को सम्मानित किया।
मौके पर कोषाध्यक्ष हरभजन सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सलूजा, कंवलजीत सिंह, माहुरी समाज के अध्यक्ष मुन्ना भदानी, सचिव संजय तर्वे, अमन कपसीमें, निवर्तमान वार्ड पार्षद बसंत सिंह, मिलन शाहाबादी कोबरा बटालियन के जवान भी उपस्थित थे। इसके पूर्व 12 अप्रैल से चल रहे अखंड पाठ की लड़ी का भी समापन हुआ।
कलगीधर गुरुद्वारा में भी हुआ आयोजन
वहीं दूसरी ओर डॉक्टर गली स्थित कलगीधर गुरुद्वारा में भी बैशाखी पर्व मनाया गया। यहां भी दिवान सजाया गया और शबद कीर्तन प्रस्तुत किये गए। इस अवसर पर, संजू लांबा, अवतार सिंह समेत कई श्रद्धालु उपस्थित थे। यहां छबील का वितरण और लंगर का आयोजन किया गया।