Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
समाज

2019-22 के बीच भारतीयों में 50% बढ़ा मोटापा

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
2019-22 के बीच भारतीयों में 50% बढ़ा मोटापा
विज्ञापन

एबीएन सोशल डेस्क। वर्ष 2019 से 2022 के बीच भारतीय लोगों में मोटापा की व्यापकता में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है तथा 45 वर्ष के कम आयु के लोगों में मोटापा के निदान में 43 प्रतिशत की और 45 वर्ष से ऊपर के लोगों में 60 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है। 

अपोलो की वार्षिक रिपोर्ट - हेल्थ आफ द नेशन 2023 में कहा गया है कि भारत में असंचारी रोगों (एनसीडी) की व्यापकता बढ़ रही है। इसके कारण डिस्लिपिडीमिया या कोलेस्ट्रॉल की असामान्यता, डायबिटीज और उच्च रक्तचाप में भी बढ़ोतरी हो रही है। 

रिपोर्ट के अनुसार स्थायी तनाव और चिंता के कारण उच्च रक्तचाप होने का खतरा डेढ़ गुणा और डायबिटीज का खतरा दोगुना बढ़ जाता है। स्थायी तनाव ग्रस्त पुरुषों को महिलाओं की अपेक्षा डायबिटीज होने का खतरा दोगुना ज्यादा होता है। असंचारी रोगों में मानसिक स्वास्थ्य और नींद का प्रमुख योगदान जिसका पता नहीं चलता है। 

अपोलो अस्पताल समूह के प्रमुख डॉ प्रताप रेड्डी ने शनिवार को यहां यह रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया जाना जरूरी है। पिछले तीन दशकों में असंचारी रोग मृत्यु और पीड़ा के प्रमुख कारण बन गये हैं और भारत में 65 प्रतिशत मौतों के लिए ऐसे रोग जिम्मेदार है। 

एनसीडी से न केवल स्वास्थ्य, बल्कि उत्पादकता और आर्थिक वृद्धि भी प्रभावित होती हैं। वर्ष 2030 तक इन रोगों के कारण भारत पर लगभग 4.8 अरब डालर का आर्थिक बोझ पड़ने का अनुमान है। 

रिपोर्ट में 20,000 लोगों पर किये गये एक अध्ययन के अनुसार 47 प्रतिशत लोगों को नींद की समस्या और 52 प्रतिशत लोगों को उनके मानसिक स्वास्थ्य की दुर्बलता है तथा तीन में से एक व्यक्ति को दोनों समस्याएं हैं। तीन में से दो लोग रात के भोजन और बिस्तर पर सोने जाने के बीच उचित अंतर नहीं रखते।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 87,489