Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
समाज

1981 से राजस्थानी परंपरा की पुरानी विरासत को संजोता आ रहा है मारवाड़ी समाज

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
1981 से राजस्थानी परंपरा की पुरानी विरासत को संजोता आ रहा है मारवाड़ी समाज
विज्ञापन

टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी समाज द्वारा 1981 से मारवाड़ी समाज के खास पर्व गणगौर की राजस्थानी परंपरा की पुरानी विरासत को संजोये हुए है। गणगौर पूजा की सार्वजनिक व्यवस्था गणेश नारायण साबू चौक, सेवा सदन पथ,अपर बाजार स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में शुरू की।

गणगौर पूजा मारवाड़ी समाज का प्रमुख लोक पर्व है। जो होलिका दहन के दूसरे दिन से 16 दिनों तक चलने वाला यह पर्व मूलत: कुंवारी लड़कियों व सुहागन महिलाओं का त्योहार है। आज 24 मार्च 2023 दिन शुक्रवार को श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में सुबह 6 बजे से शुरू हुई गणगौर पूजा अपराह्न 2 बजे तक अनवरत चलती रही। 

गणगौर मिलान एवं विसर्जन के लिए अपराह्न 3 बजे से मारवाड़ी समाज की महिलाओं के आने का सिलसिला जो शुरू हुआ वो संध्या 6 बजे तक जारी रहा। मंदिर परिसर में गणगौर मिलान एवं बड़ा तालाब में गणगौर विसर्जन घाट की व्यवस्था माहेश्वरी समाज के तीनों संगठन (श्री माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी महिला समिति, माहेश्वरी युवा संगठन) के सहयोग से सुचारू रूप से चला। 

माहेश्वरी भवन में लगाये गये गणगौर मेला में गणगौर विसर्जन करने आयी महिलाओं ने रात्रि 8 बजे तक मेला में बने लजीज व्यंजन का आनंद लिया।  

इस कार्यक्रम के निवर्तमान अध्यक्ष मुख्य संयोजक शिव शंकर साबू ने यह जानकारी दी। इस महोत्सव को सफल बनाने में प्रकाश काबरा, ओमप्रकाश बोड़ा, राजेंद्र बिड़ला, शारदा लड्डा, कुमुद लाखोटिया, विकास काबरा, अंकित बियानी, लक्ष्मी चितलांगिया, नयन बोड़ा, राधव सारडा, सभाध्यक्ष किशन साबू, गोवर्धन प्रसाद भाला, दीपक मारु, प्रभात साबू एवं समाज के तीनों संगठन के सदस्यों का सहयोग रहा। प्रदेश माहेश्वरी सभा अध्यक्ष सभी कार्यक्रमों में उपस्थित रहे। उक्त जानकारी समाज की मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

विज्ञापन