एबीएन सोशल डेस्क। दुर्गा का अर्थ है इस संसार रूपी दुर्ग की मालकिन। मां दुर्गा के पास ब्रह्मा, विष्णु और महेश- तीनों की शक्तियां हैं। वो सृजन, पालन, संहार और कल्याण चारों कर सकती हैं।
संसार तीन लोकों में विभाजित है- स्थूल, सूक्ष्म और कारण। इस हिसाब से हम सब के तीन शरीर हैं- स्थूल शरीर, सूक्ष्म शरीर, और कारण शरीर।
संसार को ईश्वर के तीन गुण या शक्तियां चलाते हैं- सत, रज और तम। तीनों लोकों में और हमारे तीनों शरीरों में तीनों गुण अपना-अपना काम करते रहते हैं।
इस हिसाब से तीनों लोकों में, तीनों शरीरों में और तीनों गुणों द्वारा विश्वव्यापिनी मां दुर्गा का नौ रूप हो गया। इसीलिए उनके नौ रूपों का यानी नवदुर्गा का नौ दिन तक उपासना करने का विधान है। नौ दिनों में हमारे तीनो शरीर के सत, रज और तम के सभी अंश शुद्ध और शक्तिशाली हो जाते हैं।