टीम एबीएन, कटिहार (पटना)। मोटे अनाजों के प्रति जन जागरूकता और इनकी पैदावार को बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को नाबार्ड एवं कृषि विज्ञान केंद्र, कटिहार के तत्वाधान में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र के किसानों एवं भोला पासवान कृषि विश्वविद्यालय, पूर्णियां के छात्राओं ने इस शिविर में भाग लिया।
मौके पर लीड बैंक कटिहार के प्रबंधक मनोज कुमार मधुकर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मोटे अनाज को बढ़ावा देने हेतु सरकार ने वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष घोषित किया है। मोटे अनाज का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। अभी भी कई घरों में गेहूं की जगह मोटे अनाजों की रोटी पसंद की जाती है।
मोटा अनाज खाने से हड्डियों में मजबूती आती है, कैल्शियम की कमी से बचाव, पाचन को दूरुस्त करने में मदद मिलती है। डायबिटीज रोगियों के लिए काफी लाभकारी होता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ रीता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मोटे अनाज जैसे- ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो आदि में मिनरल, विटामिन, एंजाइम और इन सॉल्युबल फाइबर के साथ-साथ मैक्रो और माइक्रो जैसे पोषक तत्व भी भारी मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके अलावा मोटे अनाजों में बीटा-कैरोटीन, नाइयासिन, विटामिन-बी6, फोलिक एसिड, पोटेशियम, मैग्नीशियम, जस्ता जैसे खनिज लवण भी पाये जाते हैं।
डॉ रीता सिंह ने कहा कि किसानों को नाबार्ड द्वारा मोटे अनाज को बढ़ावा देने हेतु हर संभव प्रयास किया जायेगा। यह कार्यक्रम मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने का एक प्रयास है। मौके पर डॉ सुशील कुमार सिंह, विकास कुमार, ओम प्रकाश भारती एवं विश्वजीत दत्ता सहित केंद्र के वैज्ञानिक उपस्थित थे।