एबीएन सोशल डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में स्वामी श्रद्धानंद जी की जयंती मनायी गयी। मौके पर स्वामीजी को भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की गयी। विद्यालय परिसर में सामूहिक वैदिक महाहवन का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तत्पश्चात यज्ञ प्रार्थना और भजन किया गया।
प्राचार्य संजय कुमार मिश्रा ने स्वामीजी के प्रति भावांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा भी सोना बन जाता है, वैसे ही महर्षि दयानंद सरस्वती जी के संपर्क में आनेवालों में से अनेक साधारण मानव महात्मा बन गये।
उनके अनुयायियों में से मुंशी राम भी एक थे, जो आगे चलकर स्वामी श्रद्धानंद के नाम से प्रसिद्ध हुए। महर्षि जी के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन को यज्ञ की आहुति के समान पवित्र बना लिया। उन्होंने अछूतोद्धार, विधवा विवाह, शुद्धि आंदोलन आदि में अपना पूरा जीवन होम कर दिया। समाज सुधार ही उनके जीवन में सर्वोपरि रहा।
उन्होंने वैदिक मूल्यों के प्रतिस्थापन के लिए विद्यालय भी खोले। हम सबको उनके आदर्शों को अपनाने की कोशिश करनी चाहिए।यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शांति पाठ तथा वैदिक जयघोष के साथ सभा समाप्त हुई।