- उनका सान्निध्य बच्चों में भरता है अच्छे संस्कार
मनोज कुमार पांडेय
टीम एबीएन, कोडरमा। कभी बुजुर्गों के साथ भी कुछ पल बिताया करो, सारी चीजें गूगल में नहीं मिला करतीं। यह बात बिल्कुल सच साबित हो रहा है। घर में बड़े बुजुर्गों के साथ रहने वाले बच्चों को बहुत लाभ मिलते हैं। बुजुर्गों के पास जीवन भर का लंबा अनुभव होता है। अनुभव ऐसा कि चुटकी बजाते ही समस्याओं का हल निकल आता है।
अगर घर में कुछ बीमारी है तो उनका देसी नुस्खा तुरंत राहत दिला देती हैं। बच्चों को संभालने की क्षमता माता-पिता की अपेक्षा दादा-दादी में अधिक होती है। दादा-दादी बच्चों को माता-पिता की अपेक्षा अधिक समय देते हैं। इंस्टीट्यूट फॉर पिस्कल स्टडीज एंड नूफील्ड फाउंडेशन के एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।
शोध में कहा गया है कि दादा-दादी के साथ रहने वाले बच्चों का दिमाग अधिक विकसित होता है। उनके साथ बच्चे अधिक स्वस्थ रहते हैं, और बड़े होने पर मानसिक रूप से मजबूत भी बनते हैं। बच्चे दादा-दादी से भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं। उनके साथ रहने वाले बच्चे खुश तो रहते ही हैं, बल्कि कई जानकारियों के अलावा अच्छे संस्कार भी उनमें विकसित होते हैं।