- दूल्हा बने भगवान रंगनाथ और दुल्हनिया गोदाम्माजी
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के प्रसिद्ध श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में धनुर्मास महोत्सव के अन्तर्गत 14 जनवरी 2023 शुक्रवार को भगवान रंगनाथ और जगद्धात्री गोदाम्मा का विवाहोत्सव वैदिक परम्परानुसार और दक्षिण भारतीय पद्धति से आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रातः भगवान दम्पति का दूध, दही, हल्दी, चंदन, शहद, गंगाजल और डाभयुक्त जल से महाभिषेक हुआ। फिर वस्त्राभूषण से अलंकार और सुवासित पुष्पों से भव्य श्रृंगार किया गया। इसके उपरान्त नक्षत्र, कुंभ और कर्पूर से महाआरती हुई। फिर पोंगल, चटनी, खीर, फल व मेवा का भोग लगा। शातुमोड़ा, तिरुप्पावै एवं श्रीगोदा दिव्य प्रबन्ध का पाठ हुआ और अनेकानेक महामंत्रों एवं स्तोत्रों से स्तुति हुई।
धनुर्मास के अंतिम दिन श्रीगोदा देवी और श्रीरंगनाथ स्वामी का औपचारिक विवाह कराया गया । रंग - बिरंगे वस्त्रों और पुष्पों से सुसज्जित गोदाम्मा को सुवासित केश तेल, चंदन और पुष्पों से विन्यास किया गया। जयजयकार ध्वनि और मंत्रों से गोदा- रंगमन्नार भगवान की माला बदली का मनोहारी दृश्य देखकर भक्तवृंद आह्लादित हुए। मांगल्य सूत्र धारण कराया और मंगल गीत व मंत्रों से विवाह हुआ।
मान्यता है कि देवी गोदा भूमि देवी की अवतार थी, वे श्रीविष्णुचित्त (पेरियालवार) जी को तुलसी वन में भूमि खोदते समय मिली। वह गोदा भगवान विष्णु की अनुयायी और रहस्यवादी कवियित्री के रूप मे बड़ी हुई। वे तिरूप्पावै श्लोका आदि अनेकों प्रबंधों की रचना की। गोदा देवी भक्ति मार्ग से परमानन्द तक पहुंची और प्रबल इच्छा तथा अडिग संकल्प से भगवान रंगनाथ की पत्नी बनी। कहा जाता है कि श्रीगोदाम्मा जी का परिणय फेरी पूरी होते के साथ ही भगवान् के विग्रह में विलीन हो गयी थी।अर्थात् भगवान् में एकाकार हो गयी।
आज के इस महानुष्ठान के अवसर पर महाभिषेक के यजमान : श्री निहार- पायल तुलस्यान, खिचड़ी महाप्रसाद सेवा : राजकुमार- गायत्री साहू जबकि दिनभर का भोग निवेदन किया श्री राजू- मोना चौधरी तीनों ही यजमान रांची निवासी हैं।
अर्चक : श्री सत्यनारायण गौतम गोपेश आचार्य और नारायण दास ने मिलकर पूजन- अनुष्ठान संपन्न कराया।
इनकी रही सहभागिता : सर्वश्री रामअवतार नारसरिया, रमेश धरनीधरका, अनूप अग्रवाल गौरीशंकर साबू, प्रदीप नारसरिया, रंजन सिंह सहित सैकड़ों भक्त शामिल हुए।