एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत मंत्री डॉ०बिरेन्द्र साहु ने कहा झारखंड का हिमालय माने जाने वाला पारसनाथ पर्वत जैनियों का पवित्र तीर्थ शिखरजी है। यहां जैन धर्मावलंबियों के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष की प्राप्ति की है। 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ ने भी इस पुण्य भूमि पर निर्वाण प्राप्त किया था। ऐसे पावन सम्मेद शिखरजी को केंद्र सरकार के द्वारा अधिसूचना में बदलाव करके समाज में व्याप्त श्रद्धा, विश्वास एवं तीर्थ की महत्ता को सम्मान दिया है। इस निर्णय का विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत स्वागत करता है।
डॉ साहू ने कहा सम्मेद शिखरजी पर्वत संपूर्ण विश्व के जैन समुदायों के लिए पूजनीय एवं पवित्र स्थल है। भारत सरकार ने जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे सनातन समाज के लिए तीर्थ स्थल की पवित्रता एवं महत्व को स्वीकार कर विश्व पटल में अपनी प्रतिबद्धता का एक नया अध्याय लिखा है।
डॉ साहू ने झारखंड सरकार से कहा कि पारसनाथ पर्वत क्षेत्र सहित झारखंड के सभी तीर्थ स्थलों पर शराब / नशा की वस्तुएं एवं मांसाहारी खाद्य वस्तुओं के विक्रय एवं उपयोग पर प्रतिबंध को कड़ाई से लागू कर तीर्थ स्थल की मर्यादा को बनाए रखें। तीर्थ स्थल को पर्यटन स्थल बनाना सनातन हिंदू समाज को स्वीकार नहीं।