- कलश यात्र में 501 पीताम्बरधारी महिलाएं कलश धारण कर चली
एबीएन सोशल डेस्क। देव भूमि भारत में शाश्वत, मृत्युजयी व सार्वभौम संस्कृति का अखण्ड प्रवाह विद्यमान है। इस का स्वलप आचरण ही मानव प्रबुद्ध को विवेकवान बना सकता है। मानवीय स्वभाव में पुनः धर्म का आरोहण करने हेतू दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान सदैव कार्यरत रहा है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत संस्थान द्वारा माता वैष्णो देवी नगर पुनदाग नजदीक पुनदाग थाना रांची में दिनांक 19 दिसंबर से 23 दिसंबर दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक श्री हरि कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा हैै।
इस आयोजन में दिव्य गुरू श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्य एवं शिष्याएं कथा का वाचन करेंगी। जिसमें जनमानस को भारतीय संस्कृति की गरिमा एवं प्रतिष्ठा से जागरूक करवानें हेतू आज दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के पुनदाग टीओ पी के पास माता वैष्णो देवी नगर आश्रम से विशाल मंगल कलश यात्र निकाली गयी।
कलश यात्रा का शुभारंभ श्री रामाशीष यादव सदस्य मानव कल्याण आयोग भारत सरकार ने ध्वज दिखा कर किया। जिसमें 501 पीताम्बर धारी महिलाएं कलश धारण करके चली और सैंकड़ो की संख्या में बढ़ चढ़ भक्तों नें शिरकत की। उनके कंठ से मुखरित हो रहे जय श्री राम के जयघोष पूरे शहर को अहलादित कर रहे थे।
कलश यात्रा गंगा की मानिंद प्रवाहित होती हुई वातावरण के कलुषित हृदय को पवित्र व निर्मल बनाती जा रही थी। कथा का संदेश सर्वत्र वितरित करते हुए व विश्व शांति की कामना का प्रचार, प्रसार करते हुए कथा स्थल पहुंचीं। तत्पश्चात् श्री हरी नारायणजी का पूजन अशोक सिंह (डीएसपी), प्रमोद साहू, प्रोफेसर विजय प्रकाश, राजीव रंजन मिश्रा एवं सतीश गुप्ता अपने अर्धांगिनी संग बैठ पूजन किये। हमारे शास्त्रों में आता है कि कलश के अग्रभाग में देवताओं का निवास होता है एवं यह कलश हमारे मस्तिष्क में स्थित अमृृृत का प्रतीक है और यह यात्र हमें इंगित करती है उस दिव्य अमृत को प्राप्त करने की ओर। शहर में विभिन्न स्थानों पर कलश यात्रा का भव्य स्वागत् किया गया। यह जानकारी संस्थान के प्रचारक स्वामी यादवेंद्रानंद जी ने दिया।