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चरही : पिकनिक स्पॉट होने लगे गुलजार, पर्यटकों का इंतजार

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चरही : पिकनिक स्पॉट होने लगे गुलजार, पर्यटकों का इंतजार
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अविनाश सिंह

टीम एबीएन, चरही (हजारीबाग)। चरही पंचायत के ग्राम सडवाहा के पश्चिमी छोर में अवस्थित है, पिकनिक स्पॉट बरदपिछरवा फॉल। जो सैलानियों के मन को मोहित करता है। यह फॉल चारों ओर से जंगलों, पहाड़ों और नदियों के बीच घिरा हुआ है। चरही से इसकी दूरी सात किलोमीटर है। यहां पहुचने के दो रास्ते हैं। एक रास्ते चरही-सडवाहा होते हुए और दूसरे रास्ते हत्यारी होते हुए लोग उस फॉल तक पहुंचते हैं। फॉल तक जाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क को बोकारो नदी तक ही निर्माण कराया गया है।  
 

नदी में पानी रहने के कारण पार करना असंभव हो जाता है। जिस कारण पिकनिक मनाने वाले लोग अपने वाहन को खड़ी कर पैदल ही जाना पड़ता है। नदी पर पूल नहीं होने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रकृति ने इस फॉल को काफी सुंदरता के साथ गढ़ने का काम किया है। चारों और सुंदरता ही सुंदरता को बिखरे हुए हैं। यहां पहुचने के बाद मन को मोह लेता है। ऐसा प्रतीत होता है कि लोग स्वर्ग का सैर कर रहे हैं। चारों ओर पक्षियों की चहचहाट व पहाड़ के ऊपर से छलछल करते झरने से फॉल में चार चांद लग जाता है और सौंदर्य को बढ़ाता है। यहां पर लंबी-लंबी चिकनी और खूबसूरत चट्टानें खूबसूरती को और भी निखारे हुए है। 
 

ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थल पर किसी जमाने में बैल और शेर में लड़ाई हुई थी। इस क्रम में बैल का पैर फिसल गया था। तबसे इस स्थल का नाम बरदपिछरवा पड़ा। आज भी बैल के पैर का निशान मौजूद है। इस फॉल के नजारा को देखने के लिए देश और विदेश के सैलानी कई पहुचे हैं। घनघोर जंगल होने के कारण पूर्व में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन माओवादी के शरणस्थली माना जाता था। जिस कारण लोग फॉल जाने से डरते थे। जैसे ही शरण स्थल समाप्त होते ही लोग पुन: आना-जाना शुरू कर दिये। इस फॉल को देखने, स्नान करने और पिकनिक मनाने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं। लोग दिसंबर से लेकर जनवरी तक पिकनिक मनाते हैं। 
लोगों का कहना है कि इस फॉल को सरकार द्वारा सुंदरीकरण कराया जाय तो यह स्थल हुंडरू फॉल और दशम फॉल से अतिसुंदर होगा। साथ ही सरकार को लाखों रुपये की राजस्व की प्राप्ति हो सकती है और यह फॉल राज्य ही नहीं पूरे विश्व मे विख्यात हो सकता है। तथा स्थानीय बेरोजगारों के लिए एक रोजगार का साधन बन जायेगा।

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