एबीएन सेंट्रल डेस्क। टीवी अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला, दक्षिण भारतीय फिल्मों के स्टार पुनीत राजकुमार, कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और अब सिद्धांत वीर सूर्यवंशी। जिम में वर्कआउट के दौरान इन चारों सेलिब्रिटी की सांसों का थमना यूं ही नहीं है। एक बार फिर यह साबित हुआ कि बाहर से फिट दिखना दिल के भी तंदरुस्त होने की गारंटी नहीं। वरिष्ठ हार्ट रोग विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार ऑफिस या घर का तनाव कम करने के लिए लोग जिम में व्यायाम बढ़ा देते हैं। उन्हें लगता है कि वे तनाव मुक्त हो जायेंगे लेकिन इससे उनका दिल कमजोर हो रहा है।
नई दिल्ली के डॉ लोहिया अस्पताल के वरिष्ठ डॉ कुमार ने कहा, बीते कुछ साल से हम लगातार फिल्म हस्तियों से जुड़े हार्ट अटैक के मामले देख रहे हैं। अगर समाज के दूसरे हिस्सों की बात करें तो यह संख्या काफी ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में, 40 साल से कम उम्र के 25% और 50 से कम उम्र के 50% लोगों को हार्ट अटैक का जोखिम है जो वास्तव में महामारी है। नशा, व्यायाम के दौरान गलती और आनुवांशिक इतिहास युवाओं में तेजी से हार्ट अटैक आने के प्रमुख कारण हैं।
मुंबई स्थित सिटी अस्पताल के डॉ वर्मा बताते हैं, तनाव व्यक्ति के बुरे स्वास्थ्य की शुरुआत होती है। तनाव में वह नशे की लत में आता है और फिर धीरे-धीरे अपना दिल कमजोर करने लगता है। यह स्थिति सभी आयु वर्ग के साथ है। समस्या यह है कि कई लोग यह सब जानने के बाद भी अपनी दिनचर्या पर ध्यान नहीं देते हैं। अगर आप वर्कआउट कर रहे हैं तो उसके सभी नियमों को मानें। डाइट अच्छे से फॉलो करें और नशे से तत्काल दूरी बना लें।
इंडियन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी का मानना है कि युवाओं में हार्ट अटैक आने के कारण कोरोना और एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक सेवन भी है। जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉ मोहित गुप्ता ने बताया, हाल में एक रिसर्च से पुष्टि हुई है कि लोगों में दिल की धमनियां सिकुड़ रही हैं। 10 हजार से भी अधिक मरीजों पर अध्ययन हुआ था, जिसमें 72% की जांच में उपचार के कुछ अंतराल बाद इनकी रक्त धमनियों में सिकुड़न पाई गई।
नई दिल्ली स्थित नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सीईओ डॉ यादव का कहना है कि हार्ट अटैक के लिए बाहर से स्वस्थ दिखना जरूरी नहीं है। ओवर वर्कआउट से हार्ट अटैक आ सकता है लेकिन दिल की नसों में ब्लॉकेज दूसरे कारणों से होता है। जब आप एक्सरसाइज बढ़ाते हैं तो ये ब्लॉकेज हार्ट अटैक के रूप में दिखाई देता है। कई लोग जिम नहीं जाते लेकिन उनमें भी यही होता है। वे ज्यादा कुछ ऐसा काम कर लेते हैं जिससे उनके दिल पर बोझ पड़ता है।