टीम एबीएन, रांची। महिला भक्ति परिषद् रांची युनिवर्सिटी कॉलोनी बरियातू में भागवत कथा शनिवार से शुरू हुई। कथा व्यास पंडित रामदेव पाण्डेय ने कहा भगवान की भक्ति से दैहिक, दैविक और भौतिक ताप, संताप की समाप्ति हो जाती है। सत चित और आनंद भागवत और भगवान की कथा से आती है। कथा से मन में भक्ति आती है। भक्ति से भगवान की कृपा होती है जिसे मृत्यु, रोग और शोक की समाप्ति होती है। जीवन शांति और आनंद से भर जाता है। तभी तो अमेरिका, रसिया इंग्लैंड के लोग काशी, हृषिकेश, वृंदावन में धूल धुसरित हो रहे हैं। शांति की भूमि भारत ही सच्चिदानंद की है। भागवत का पहला शब्द ही सच्चिदानंद है। मानस में भी तुलसी ने सच्चिदानंद की चर्चा की है। इसी सच्चिदानंद को आत्मसात करना भागवत और मानस है। भागवत कथा आगामी 21 अक्टूबर तक दोपहर तीन से छह बजे तक चलेगी। कथा में पंडित रमेश दुबे, पंडित मनोज पाण्डेय, पंडित अभिषेक पांडेय सहित सैकड़ों महिला और युवाओं ने कथामृत का रसपान किया।