समाज
पार्सल डिलीवरी वुमेन सबिता तोड़ रही समाज की मिथक
ABN Bureau
•
11 Oct, 2022
•
6 मिनट में पढ़ें
2 Views
विज्ञापन
टीम एबीएन, रांची (सुधीर शर्मा)। जब मन में हौसला और काम करने का जुनून हो तो जीवन में चुनौतियां भी आसान बन जाती है। रांची की सबिता कच्छप आज समाज के मिथक को तोड़ते हुए न केवल अपने परिवार का सहारा बनी है, बल्कि नौकरी के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं के सामने एक आदर्श भी प्रस्तुत कर रही है।
रांची के लालपुर की रहने वाली सबिता आज ई-कॉमर्स के पार्सल डिलीवरी का काम करती है। सामान्यतः डिलीवरी के काम में जो तस्वीर सामने उभर कर आती है, वो एक लड़के की होती है। आमतौर पर माना भी जाता है, कि यह काम केवल लड़कों का ही है।
लेकिन सबिता ने इस मिथक को तोड़ते हुए चुनौती को स्वीकार किया और आज अपनी मेहनत से अपने और अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है।
2016 में ग्रेजुएशन करने वाली सबिता ने कई सपने बुने थे, लव मैरिज की, कुछ दिनों के बाद सबिता ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन पति ने कुछ दिनों के बाद साथ छोड़ अपने घर से ही दूर चला गया।
सबिता ने अपने बच्चे की देखभाल का जिम्मा उठाया और बिना हिचकिचाए अपनी साईकल से ही ई-कॉमर्स के पार्सलों की डिलीवरी शुरू की। पिछले 6 महीनों में पैसे जमा कर किश्तों में स्कूटी भी खरीद ली। अब सबिता पहले से ज्यादा पार्सल डिलीकर कर पाती है।
सबिता आज अपने काम से काफी खुश है, वो कहती है, कोई भी काम छोटा नहीं होता। बेशक इस काम में काफी चुनौतियां थी, पहले कस्टमर को फोन करने पर ही चौंक जाते थे, कि एक लड़की पार्सल डिलीवर करने आई है, लेकिन अब सब सामान्य हो गया।
सबिता बताती है, वो हर दिन 50 से 60 पार्सल डिलीवर करती है, ई कॉम एक्सप्रेस कंपनी के पे रोल पर है। डिलीवरी की टार्गेट भी होती है और कमीशन भी। वो बताती है कि बेटा साढ़े तीन साल का है उसेे घर में नानी संभालती है, सबिता बताती है कि कंपनी में भी सीनियर्स का बर्ताव काफी अच्छा है और काम के दौरान काफी सपोर्ट करते हैं।
सबिता की इच्छा है कि वो अपने बेटे के लिए खूब काम करें, ताकि उसके लालन-पालन में कोई कमी नहीं रहे।
आज सबिता को देखकर दूसरी लड़कियां भी इस काम में आ रही है। वो बताती है कि अब उसकी कंपनी में 5 लड़कियों ने यह काम करना शुरू किया है। नई लड़कियों को सबिता ही फील्ड में ट्रेन करती है।
समाज के लिए आदर्श है सबिता, करेंगे सम्मानित : रोशनी खलखो-
सबिता ने समाज की चुनौतियों को स्वीकार कर न केवल आदिवासी समाज बल्कि युवाओं के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। जब युवाओं की फौज सरकारी नौकरियों के पीछे भाग रही है, वैसे में सबिता ने जिस काम के माध्यम से अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है, वह निश्चित रूप से अनुकरणीय है।
सबिता के जज्बे को सलाम करते हुए वार्ड 19 की पार्षद रोशनी खलखो ने कहा कि सबिता को वह सार्वजनिक मंच पर सम्मानित करेंगी, ताकि दूसरी लड़कियां भी सबिता से प्रेरणा ले।
विज्ञापन