एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के इतिहास के पन्नों में साल 1995 का जिक्र इंटरनेट की वजह से किया जाता है। साल 1995 में ही भारत में सबसे पहले इंटरनेट की शुरुआत हुई थी। यह कारनामा 15 अगस्त 1995 को कियागया था और इस दिन से भारत में इंटरनेट सर्विस की शुरुआत हो गई। बता दें कि 1995 में विदेश संचार निगम लिमिटेड ने पहली बार पब्लिक इंटरनेट की शुरुआत की थी। इससे पहले आम आदमी के लिए इंटरनेट की सुविधा नहीं थी।
वैसे इससे पहले भी इंटरनेट की सुविधा थी, लेकिन कमर्शियल स्तर पर 1995 में शुरुआत हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, 1986 में एनसीएसटी और आईआईटी के बीत ईमेल के लिए डायल उप की शुरुआत हुई। इसके साथ ही शिक्षा आदि के लिए इंटरनेट इस्तेमाल होता था। मगर 1995 में इसे कमर्शियल स्तर पर शुरू किया गया। इस वक्त इंटरनेट काफी महंगा था और कहा जाता है कि उस वक्त स्पीड 10 केबीपीएस थी और 250 घंटे के इंटरनेट के लिए 15 हजार रुपये तक देने पड़ते थे। ऐसे में उस वक्त काफी महंगा इंटरनेट था। उस दौरान प्रोफेशनल्स, नॉन प्रोफेशनल्स, कमर्शियल, एक्सपोटर्स और सर्विस प्रोवाइडर को अलग-अलग रेट पर इंटरनेट मिलता था। साथ ही इनके प्लान 9.6 केबीपीएस, 64 केबीपीएस और 128 केबीपीएस के आधार पर होते थे। इसके लिए इंटरनेट यूजर्स को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे और इंटरनेट चलाने के लिए भी एक लैंडलाइन फोन की आवश्यकता होती थी।