एबीएन नॉलेज डेस्क। बाइक और कारों के टायरों को ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि इन पर रबर के कांटे लगे हुए नजर आएंगे। इसे ज्यादातर लोग मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। चौंकाने वाली बात है कि यह कोई निर्माण से जुड़ी गड़बड़ी नहीं है। इसे योजना के तहत बनाया गया है। टायरों में रबर के कांटों को खास मकसद से बनाया गया। जानिए, इन्हें क्या कहते हैं और इनका काम क्या है… टायर पर मौजूद इन रबर के कांटों को वेंट स्पिउज के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब होता है कि किसी चीज का बाहर की ओर निकला हुआ होना। टायरों के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए इन्हें बनाया जाता है। आसान भाषा में समझें तो गाड़ी चलने के दौरान टायर पर दबाव बनता है, इस दबाव को कम करने के लिए इसे निर्माण के दौरान बनाया जाता है। इसे बनाने वाली कंपनियां जब टायर का निर्माण करती हैं तब रबर के इन नुकीले हिस्सों को टायर में इंजेक्ट किया जाता है। ऐसा क्यों किया जाता है, अब इसकी एक वजह और भी जान लीजिए। टायर के निर्माण के दौरान इनमें बुलबुले बनने का खतरा रहता है। अंदरूनी तौर पर ऐसा होने पर टायर कमजोर हो सकता है, इसलिए इन्हें लगाकर इसका खतरा कम किया जाता है। अगर आप कोई टायर खरीद रहे हैं और उनमें ये कांटे मौजूद हैं तो इसका मतलब है वो अच्छी क्वालिटी का है। इसलिए अगली बार आप ऐसा टायर खरीदते हैं तो इसका मतलब है कि ये फायदे का सौदा है।