एबीएन नॉलेज डेस्क। हाइपर्शन की गिनती दुनिया के सबसे लम्बे पेड़ों में की जाती है। इसकी लम्बाई 379 फीट को पार कर चुकी है। ऐसे पेड़ों की अपनी जितनी भी खूबियां हैं, उसमें एक खूबी यह भी है कि ये 90 डिग्री की सीध में ही बढ़ते हैं। कभी सोचा है कि से इतनी सीध में ही क्यों बढ़ते हैं। किसी भी पेड़ के 90 डिग्री में बढ़ने के लिए फैक्टर जिम्मेदार होते हैं। जानिए, ऐसा कैसे होता है? पौधे की ग्रोथ के लिए तीन चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं। प्रकाश, कार्बन-डाई-आॅक्साइड और पानी। किसी भी पेड़ की लंबाई में सूरज की रोशनी का अहम रोल होता है। सूरज की रोशनी के कारण उनमें क्लोरोफिल के निर्माण को बढ़ावा मिलता है। आसान भाषा में समझें तो क्लोरोफिल की मदद से ही ये अपना भोजना बना पाते हैं। अब सवाल उठता है कि सूर्य का प्रकाश तो हर पेड़-पौधे को मिलता है, लेकिन हर पौधा लम्बे होने का रिकॉर्ड नहीं बना पाता। कुछ ही पेड 90 डिग्री की सीध में आगे बढ़ पाते हैं। हर पौधे का अपना एक जीन होता है। यही जीन ही तय करता है पेड़ लम्बा होगा या छोटा। खास जीन की प्रजाति वाले पौधे एक खास रिकॉर्ड बनाते हैं। जो पेड़ 90 डिग्री की सीध में बढ़ने का रिकॉर्ड बनाते हैं, उनके लिए आसपास का महौल भी निर्भर करता है। कुछ ऐसे पेड़ भी होते हैं जिन्हें प्रकाश की अधिक जरूरत होती है। अगल-बगल पेड़ होने के कारण जब उन्हें प्रकाश नहीं मिल पाता तो वो प्रकाश पाने के लिए ऊपर की तरफ बढ़ते हैं। एक यह भी वजह है इनकी लंबाई के लिए। कई पेड़ों की प्रजाति ही ऐसी होती है, जो अपनी लम्बाई के लिए जाने जाते हैं। इस तरह पेड़ों की लम्बाई के लिए कई फैक्टर काम करते हैं।