एबीएन नॉलेज डेस्क। वैज्ञानिकों ने सुपर टमाटर विकसित किया है। उनका दावा है कि यह खास तरह का टमाटर है। इसमें उतना विटामिन-डी है जितना दो अंडों में होता है। यह बच्चे और वयस्क की रोजाना की विटामिन-डी3 की जरूरत को पूरा कर देगा। इतना ही नहीं, यह इंसानों में कई बीमारियों जैसे- कैंसर, डिमेंशिया और पार्किंसंस डिजीज के पनपने के खतरे को कम करेगा। इस टमाटर को तैयार करने वाले नॉर्विक के जॉन इंस सेंटर के वैज्ञानिकों का कहना है, दुनियाभर ऐसे लोगों की संख्या काफी ज्यादा है जो विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं।
कैसे तैयार हुआ सुपर टमाटर :
ब्रिटिश वैज्ञानिकों का कहना है, इस सुपर टमाटर को जेनेटिक इंजीनियरिंग की मदद से तैयार किया गया है। आसान भाषा में समझें तो हर पौधे और इंसान का अपना एक जीन होता है। जीन में बदलाव करने पर उस चीज में भी परिवर्तन होने लगते हैं। इसे ही जेनेटिक इंजीनियरिंग कहते हैं। सुपर टमाटर के जीन में ऐसा ही बदलाव किया गया है कि इससे अधिक विटामिन-डी3 मिल सके। वैज्ञानिकों का कहना है जेनेटिक इंजीनियरिंग के जरिए इसमें इतना बदलाव किया गया है कि यह दो अंडे या 28 ग्राम टूना फिश से मिलने वाले विटामिन-डी की कमी पूरी कर सकता है।
क्यों खास है यह टमाटर : डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 100 करोड़ लोग विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह से कई तरह की बीमारियां बढ़ती हैं। विटामिन-डी आमतौर पर सुबह-सुबह सूरज की हल्की धूप में बैठने पर शरीर में बनता है, लेकिन सर्दियों के दिनों में धूप नहीं मिल पाती, इसलिए विटामिन-डी की कमी हो सकती है। ऐसे में विटामिन-डी की कमी पूरी करने के लिए मछली, रेड मीट, अंडे पर निर्भर रहता पड़ता है। ब्रिटेन में हर 6 में से एक इंसान विटामिन-डी की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में सुपर टमाटर इसका अच्छा सोर्स हो सकता है।
विटामिन-डी क्यों जरूरी है, अब इसे समझ लेते हैं : शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए विटामिन-डी होना बहुत जरूरी है। ऐसा न होने पर हड्डियां, दांत और मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। इसकी कमी होने पर बच्चों में रिकेट्स नाम की बीमारी हो सकती है और वयस्कों में हड्डियों में दर्द बना रह सकता है, जिसे ऑस्टियोमेलेसिया कहा जाता है। इसके अलावा विटामिन-डी मूड को बेहतर बनाता है, रोगों से लड़ने की क्षमता यानी इम्युनिटी को बढ़ाता है और बेहतर नींद के लिए जिम्मेदार होता है। शोधकर्ताओं का कहना है, पौधों के जरिए विटामिन-डी की पूर्ति ठीक से नहीं हो पाती, इसके लिए ज्यादातर मांसाहार खानपान पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में सुपर टमाटर एक बेहतर विकल्प है, जिसे शाकाहारी और मांसाहारी दोनों लोग चुन सकते हैं।