एबीएन नॉलेज डेस्क। आप वेजिटेरियन हैं या नॉनवेजिटेरियन? यानी आप शाकाहारी हैं या मांसाहारी? इस सवाल पर कुछ लोगों का जवाब होता है कि वे शाकाहारी हैं, बस अंडा खा लेते हैं। इसके लिए एक नया वर्ड एजिटेरियन होता है। अब सवाल ये है कि अंडा शाकाहार है मांसाहार? क्या आप बता सकते हैं कि अंडा वेज है या नॉनवेज? नहीं बता सकते तो कोई बात नहीं। हम आपको बता देते हैं कि अंडा शाकाहार है या मांसाहार। दरअसल, अंडा वेज भी है और नॉनवेज भी। अब आप सोचेंगे कि ऐसा कैेस हो सकता है! क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र भागलपुर की निदेशक डॉ अंजली ने इस बारे में विस्तार से समझाया है। उनके मुताबिक, अगर मुर्गी बिना मुर्गे के संसर्ग में आए अंडा देती है तो उसे टेबल परपस या शाकाहारी अंडा कहा जा सकता है। यहां अंतर फर्टिलाइज्ड अंडे और अनफर्टिलाइज्ड अंडे का होता है। यानी मुर्गियां बिना मुर्गे से संबंध बनाए भी अंडा दे सकती हैं। मुर्गी के अंडा देने की एक नैचुरल प्रक्रिया होती है। चूजा उत्पादन के लिए इनक्वेटर हेचरीज का यूज करते हैं। इसके लिए 10 मुर्गी पर एक मुर्गा छोड़ा जाता है। इस केज में जो अंडा होगा, वह फर्टिलाइज अंडा होगा और उससे चूजा निकल सकता है। ऐसे अंडे को नॉन वेजिटेरियन अंडा कहा जाता है। यानी मुर्गी, मुर्गे के संपर्क में आने के बाद फर्टिलाइजेशन से अंडा देती है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अंडे से चूजा निकलता है, इसलिए यह मांसाहार हुआ। लेकिन आपको बता दें कि बाजार में ज्यादातर अंडे अनफर्टिलाइज्ड होते हैं, जिनसे कभी चूजे बाहर नहीं निकल पाएंगे। ऐसे अंडों को टेबल परपस से तैयार किया जाता है। मुर्गी जब 6 महीने की हो जाती है तो हर एक-डेढ़ दिन में अंडे देती है, लेकिन इसके लिए जरूरी नहीं कि उसे मुर्गे से संबंध बनाना पड़े। डॉक्टर अंजली के मुताबिक, शाकाहारी और मांसाहारी अंडे में फर्क करने का एक आसान सा तरीका है। इस तरीके में अंडे को एक टेबल पर बने खांचे में रखा जाता है। इसके बाद बंद कमरे में उस टेबल के नीचे एक बल्ब जलाते हैं। बल्ब की रोशनी एक-एक अंडे के नीचे से गुजारी जाती है। इसमें जिस अंडे से रोशनी पार हो जाए या अंडा पूरी तरह से लाल दिखे तो वह शाकाहारी अंडा होगा। मांसाहार वाले अंडे में ऐसी बात नहीं नजर आएगी।