एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूरोप और एशिया को जोड़ने वाला दुनिया का सबसे लम्बा हैंगिंग आम जनता के लिए खोल दिया गया है। तुर्की में बना यह ब्रिज कई मायनों में खास है। 20,503 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ब्रिज को तैयार होने में 5 साल का वक्त लगा है। इसे तुर्की और दक्षिण कोरिया की कंपनी ने मिलकर तैयार किया है। जानिए, इस ब्रिज की खासियतें और इससे आम लोगों को कितनी राहत मिलेगी। इस ब्रिज का नाम है 1915 कैनेकेल ब्रिज। इसके नाम में 1915 जोड़ने की भी एक खास वजह है। दरअसल, प्रथम विश्व युद्ध के समय ब्रिटिश सेना के डडार्नेलेस खाड़ी पर कब्जा करना चाहती है, लेकिन ओटोमन साम्राज्य ने ब्रिटिश सेना के इस मंजूबे पर पानी फेर दिया था। इसलिए इसे यह नाम दिया गया। 6 लेन वाली सड़क के इस ब्रिज की लम्बाई 4.60 किलोमीटर है। वहीं, इसकी चौड़ाई 45.06 मीटर है। इस ब्रिज को तैयार होने में पूरा 5 साल लगा है। ब्रिज के निर्माण की शुरूआत 26 फरवरी, 2017 को हुई थी और 26 जनवरी, 2022 को यह बनकर तैयार हुआ। अब इसे आम लोगों के लिए खोला जा चुका है। कैनेकेल ब्रिज तुर्की का दूसरा सबसे ऊंचा ब्रिज है। इससे पहले से बने यहां के सबसे ऊंचे ब्रिज का नाम है यावुज सुल्तान सलीम ब्रिज। इतना ही नहीं, कैनेकेल ब्रिज यूरोप और एशिया को जोड़ता है। यह ब्रिज अब तुर्की की राजधानी इस्तांबुल के बाहर यूरोप और एशिया को मात्र 6 मिनट की यात्रा से जोड़ देता है। इस ब्रिज पर बने दोनों टावरों की ऊंचाई 1,043 फीट है। ब्रिज बनने से पहले फेरी से खाड़ी को पार करने में डेढ़ घंटा लगता था, लेकिन अब ब्रिज बनने के बाद इसे पार करने में मात्र 6 मिनट का समय लगता है।