एबीएन नॉलेज डेस्क। देश को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके इसी योगदान की वजह से उन्हें राष्ट्र पिता का दर्जा मिला हुआ है। लेकिन भारतीय नोट पर गांधी जी की फोटो कहां से आई, क्या आप इसके बारे में जानते हैं। नहीं तो हम आपको बताते हैं। आपको बता दें कि पिछले दो दशकों में भारतीय नोटों की शक्ल तो बदलती गई, लेकिन सभी में गांधी जी की फोटो हमेशा कॉमन रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में...
कहां से आई गांधी की फोटो : यह तस्वीर उस समय खींची गई, जब गांधी जी ने तत्कालीन बर्मा (म्यांमार) और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस के साथ कोलकाता स्थित वायसराय हाउस में मुलाकात की थी। इसी तस्वीर से गांधीजी का चेहरा पोट्रेट के रूप में भारतीय नोटों पर अंकित किया गया।
क्या कहते हैं नियम : अब एक और दो रुपये के नोट चलन में नहीं हैं। हालांकि, एक रुपये के नोट की छपाई दोबारा शुरू हो चुकी है। इसे 1994 से बंद कर दिया गया था। इनकी जगह सिक्कों ने ले ली थी। वहीं, जब एक रुपये का नोट चलन में था, तब उस पर रिजर्व बैंक के गवर्नर की जगह फाइनेंस सेक्रेटरी (वित्त सचिव) के हस्ताक्षर अंकित हुआ करते थे।
करेंसी आॅफ आॅर्डिनेंस के नियमानुसार एक रुपये का नोट भारत सरकार द्वारा, जबकि दो रुपये से अधिक की करेंसी रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया द्वारा जारी की जाती थी। मौजूदा समय में दो रुपये का उत्पादन बंद है, लेकिन पुराने नोट अभी भी चलन में हैं।
नोटों पर कभी छपती थी किंग जॉर्ज की तस्वीर : भारतीय रुपया 1957 तक 16 आनों में रहा। इसके बाद मुद्रा की दशमलव प्रणाली अपनाई गई और एक रुपये का निर्माण 100 पैसों में किया गया। किंग जॉर्ज की फोटो वाला नोट 1949 तक चलन में था। इसके बाद अशोक स्तंभ वाला नोट आया था। महात्मा गांधी वाले कागजी नोटों की शुरूआत 1996 से शुरू हुई, जो अब तक चलन में है।
1996 में हुआ नोटों में परिवर्तन : आज हम भारतीय नोटों पर गांधी जी का चित्र देख रहे हैं, जबकि इससे पहले नोटों पर अशोक स्तंभ अंकित हुआ करता था। रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया द्वारा 1996 में नोटों में परिवर्तन करने का फैसला लिया गया। इसके अनुसार अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो और अशोक स्तंभ की फोटो नोट के बायीं तरफ निचले हिस्से पर अंकित कर दी गई।
5 रुपये से लेकर 2 हजार तक के नोट में गांधी जी की फोटो दिखाई देती है। इससे पहले 1987 में जब पहली बार 500 का नोट चलन में आया तो उसमें गांधी जी का वॉटरमार्क यूज किया गया था। 1996 के बाद हरेक नोट में गांधीजी का चित्र अंकित हो गया।
आरबीआई ने बताई ये खास बात : रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया ने बताया कि सभी नोटों पर वाटर मार्क एरिया में महात्मा गांधी की फोटो मुद्रित करने की सिफारिश 15 जुलाई 1993 और नोट में दाहिनी तरफ महात्मा गांधी का चित्र मुद्रित करने की सिफारिश 13 जुलाई 1995 को आरबीआई ने केंद्र सरकार से की थी। आरबीआई ने जवाब में कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार ने कब लिया, कब लागू हुआ और किस तारीख से महात्मा गांधी की फोटो भारतीय नोटों पर छापने का कार्य शुरू हुआ। इसकी जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है।