एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो-ISRO) ने इस साल का अपना पहला रडार इमैजनिंग सैटेलाइट Earth Observation Satellite (EOS-04) को आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आज सुबह सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इसरो ने यह सैटेलाइट लॉन्च पैड से आज सुबह 05.59 बजे दो छोटे सह-यात्री उपग्रहों के साथ पीएसएलवी से लॉन्च किया है। पीएसएलवी के जरिए इसरो ने धरती के पर्यवेक्षण उपग्रह या अर्थ ऑब्जर्वेश उपग्रह (orbit earth observation satellite EOS-04) को अंतरिक्ष में भेजा है। इस सैटेलाइट का नाम रडार इमैजनिंग उपग्रह भी है जो धरती की सतह की सटीक तस्वीर इसरो को भेजेगा। इसरो ने इस सैटेलाइट के साथ छोटे-छोटे दो और सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा है। पीएसएलवी-सी52 के जरिए 1,710 किलोग्राम वजन वाला ईओएस-04 उपग्रह को सूर्य की ध्रुवीय कक्षा में ग्रह से 529 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया जाएगा। इसरो ने चार चरणों वाला रॉकेट पीएसएलवी से एक स्टूडेंट्स का उपग्रह INSPIRESat और दूसरा INSAT-2DT उपग्रह भी इसी उपग्रह के साथ लॉन्च किया है। INSAT-2DT भारत और भूटान का संयुक्त मिशन है।
मिशन की सफलता के बाद इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट किया, PSLV-C52 का मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है। दरअसल, रडार इमैजनिंग सैटेलाइट को ही अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट-4 कहा जाता है। यह सैटेलाइट किसी भी मौसम में धोरती की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर भेजेगा। इससे बाढ़, मृदा अपरदन, जंगल, कृषि, हरियाली आदि की सटीक मैपिंग की जा सकेगी। यह अंतरिक्ष यान रिसोर्स सैटेलाइट, कार्टोसैट और RISAT-2B सीरीज के उपग्रह से प्राप्त डाटा को सी-बैंड में कलेक्ट करेगा। इस उपग्रह का कार्यकाल 10 साल का होगा।