एबीएन नॉलेज डेस्क। वर्जीनिया क्लास जैसी आधुनिक पनडुब्बियाँ महीनों तक छुपी रह सकती हैं, और इसका राज है इनकी उन्नत स्टील्थ तकनीक (एडवांस्ड स्टील्थ टेक्नोलॉजी)।
इनकी बाहरी सतह पर एनेकोइक टाइल्स (अनेचोइस टाइल्स) लगी होती हैं — ये खास तरह की रबर की परतें होती हैं जो सोना (Sonar) तरंगों को सोख लेती हैं, उन्हें वापस नहीं लौटातीं। इससे दुश्मन के लिए पनडुब्बी को पकड़ पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
इन पनडुब्बियों में बेहद शांत प्रोपेलर (साइलेंट प्रॉपल्लेर्स) और शोर कम करने वाली मशीनें (साउंड-डेडनिंग सिस्टम) होती हैं, जो इनकी आवाज़ को न्यूनतम बना देती हैं। नतीजा — ये पानी के नीचे लगभग पूरी तरह चुपचाप चल सकती हैं।
अगर दुश्मन का सोनार इन्हें पकड़ने के करीब आ जाए, तो ये पनडुब्बियाँ 200 मीटर या उससे भी गहराई तक गोता लगा सकती हैं। वहाँ समुद्र में तापमान, दबाव और नमक की परतें इतनी जटिल होती हैं कि ध्वनि तरंगें मुड़ जाती हैं, बिखर जाती हैं — जिससे पनडुब्बी का पता लगाना और भी कठिन हो जाता है। यही कारण है कि ये समुद्र के साए महीनों तक छुपे रह सकते हैं — बिना किसी को पता चले।