शाम से ही आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा
एबीएन नॉलेज डेस्क। 13 अप्रैल की रात यानी आज आसमान में एक अनोखा खगोलीय नजारा दिखाई दिया, जिसे पिंक मून कहा जाता है। हालांकि नाम भले ही पिंक यानी गुलाबी हो, लेकिन चांद गुलाबी नहीं दिखा। असल में ये चंद्रमा की पूर्णिमा की स्थिति है जब चांद पृथ्वी से अपने सबसे दूर बिंदु पर होता है, जिसे वैज्ञानिक रूप से माइक्रोमून कहा जाता है।
अप्रैल की पूर्णिमा को पिंक मून इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बसंत ऋतु में खिलने वाले गुलाबी फूलों जैसे फ्लॉक्स से जुड़ा है। मूल अमेरिकी जनजातियों ने इसे यह नाम दिया था। इस चंद्रमा का रंग गुलाबी नहीं बल्कि सामान्य रूप से सुनहरा या चांदी जैसा ही दिखाई देता है।
यह चांद सूर्यास्त के तुरंत बाद दिखाई दिया और रात भर चमकता रहा। अपने चरम पर पहुंचने से पहले और बाद में यह लगभग 48 घंटे तक पूर्णिमा जैसा दिखा। वहीं सबसे अच्छा नजारा कम प्रकाश प्रदूषण वाले क्षेत्र, गांव, पहाड़ी इलाके या समुद्र तट पर देखने को मिला। इस संबंध में खगोलविदों ने पहले ही बताया था कि शहरों में रहने वाले लोग किसी ऊंची इमारत या घर की छत से पूर्वी दिशा में देखें, इसके लिए आप मोबाइल ऐप या डिजिटल कंपास की मदद से सही दिशा को पहचान सकते हैं।
इस खास रात को चंद्रमा के पास स्पाइका तारा भी चमकता दिखाई देगा। कुछ देशों में लोग चंद्र अधिव्यापन भी देख पायेंगे, जहां चंद्रमा थोड़ी देर के लिए किसी तारे को ढंक लेता है।