इसरो की नयी सफलता
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इसरो का प्रमुख रॉकेट लॉन्च पैड आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में है। यहां से भारत ने अब तक कई ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किये हैं। देश की बढ़ती अंतरिक्ष गतिविधियों के चलते, इसरो एक और नया लॉन्च पैड बनाने जा रहा है, जो तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के कुलसेकरपट्टनम में बनेगा।
यह कदम करफड की बढ़ती लॉन्चिंग क्षमता को देखते हुए उठाया गया है। नये लॉन्च पैड के बनने से इसरो को अंतरिक्ष मिशनों को और तेजी से और बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, देश में उपग्रहों की लॉन्चिंग क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को और गति मिलेगी।
कुलसेकरपट्टनम में इस रॉकेट लॉन्च पैड के लिए 2,233 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला पिछले साल फरवरी में रखी थी। इसके बाद इसरो ने यहां से पहले रोहिणी रॉकेट की लॉन्चिंग भी सफलतापूर्वक की थी।
नये लॉन्च पैड के निर्माण के बाद, यहां से पहली सफल लॉन्चिंग भी की गयी। रोहिणी 6एच200 छोटा रॉकेट 75.24 किमी की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद 121.42 किमी की दूरी तय करते हुए समुद्र में गिरा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य एटमोसफेरिक सर्वे करना था।
आज इस नये रॉकेट लॉन्च पैड के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गयी है। मौके पर इसरो के प्रमुख वैज्ञानिक राजाराजन और अन्य वैज्ञानिकों ने भूमि पूजन किया। इस परियोजना में एक नया सेवा भवन और प्रक्षेपण कॉम्प्लेक्स भी बनाया जायेगा, जिससे इसरो को भविष्य में अधिक स्वतंत्रता और लॉन्चिंग की गति मिलेगी।