- इसरो ने चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद से उतारा पुष्पक यान को
एबीएन नॉलेज डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने वायु सेना के चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद से शुक्रवार को रीयूजेबल लॉच व्हीकल पुष्पक की सफल लैंडिंग करायी।
पुष्पक की सफल लैंडिंग के बाद वायु सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि उसने इस अभियान के लिए चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद ली। वायु सेना ने इस अभियान का वीडियो जारी करते हुए कहा कि पुष्पक को वायु सेना के चिनूक हेलिकॉप्टर में साढे चार किलोमीटर की निर्धारित ऊंचाई और निश्चित स्थान पर ले जाकर छोड़ा गया।
इसके बाद इसरो ने इस यान की सफल लैंडिंग करायी। वायु सेना ने इस उपलब्धि के लिए इसरो को बधाई दी है। वायु सेना ने कहा है कि उसके सैनिक भविष्य में भी इस तरह के अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
पुष्पक विमान से जुड़ी बड़ी बातें
- पुष्पक RLV एक स्वदेशी स्पेस शटल है, कुछ साल में हमारे एस्ट्रोनॉट्स इसके बड़े वर्जन में कार्गो डालकर अंतरिक्ष तक पहुंचा सकते हैं।
- इसके जरिए सैटेलाइट भी लॉन्च किए जा सकते हैं। यह सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़कर वापस आयेगा, ताकि फिर से उड़ान भर सके।
- इसके जरिए किसी भी देश के ऊपर जासूसी करवा सकते हैं। यहां तक की हमले भी किये जा सकते हैं।
- ये अंतरिक्ष में ही दुश्मन की सैटेलाइट को बर्बाद कर सकता है।
- यह एक ऑटोमेटेड रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल है। ऐसे विमानों से डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) चला सकते हैं।
- पुष्पक विमान की लंबाई 6.5 मीटर है और इसका वजन 1.75 टन हैइसे इंडियन एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से उड़ाया जायेगा।
- इसके छोटे थ्रस्टर्स व्हीकल को ठीक उसी लोकेशन पर जाने में मदद करेंगे, जहां उसे लैंड करना है।
- सरकार ने इस प्रोजेक्ट में 100 करोड़ रुपये से अधिक का इंवेस्टमेंट किया है, जो एक मील का पत्थर है; क्योंकि देश 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।